इजरायल का बड़ा दावा: पश्चिमी ईरान में ड्रोन ठिकाना नष्ट, भागते सैनिकों पर हमला
सारांश
Key Takeaways
- इजरायली वायु सेना ने ईरान के ड्रोन भंडारण स्थल पर हमला किया।
- हमले में कई ईरानी सैनिकों की मौत हुई।
- ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायली वायु सेना (आईएएफ) ने रविवार को ईरान पर हमले का एक महत्त्वपूर्ण अपडेट साझा किया। इजरायल ने हवाई हमलों में ईरान के एक ड्रोन भंडारण स्थल को नष्ट करने का दावा किया है।
आईएएफ ने जानकारी दी कि इस हमले में ईरान को भारी नुकसान हुआ है और इसके कुछ सैनिक भी मारे गए हैं।
आईएएफ के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर वायु सेना ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। ईरान का यह ड्रोन भंडारण स्थल पश्चिमी ईरान के एक लॉन्च साइट के भीतर स्थित था।
आईएएफ ने बताया कि इस हमले के बाद मौके पर मौजूद ईरानी सैनिकों में भगदड़ मच गई। हमले के बाद अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे सैनिकों को भी इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ट्रैक कर निशाना बनाया और मार गिराया।
आईएएफ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "पश्चिमी ईरान से मिली विशेष जानकारी: क्षेत्र में चल रहे अभियान के तहत, आईडीएफ ने सटीक और रीयल-टाइम खुफिया जानकारी का उपयोग कर एक विमान से पश्चिमी ईरान में एक ड्रोन भंडारण स्थल पर हमला किया। इस हमले के बाद, वायु सेना ने ईरानी शासन के उन सैनिकों की पहचान की जो लॉन्च साइट से भाग गए थे। इसके बाद वायु सेना के विमानों ने उन्हें ट्रैक किया और अलग-अलग हमलों में उन्हें मार गिराया।"
लगातार हो रहे हमलों में ईरान को जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। ईरान की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के हमलों में अब तक 202 बच्चों और 223 महिलाओं की मौत हो चुकी है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारे गए हैं, जिनमें तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
अराघची के टेलीग्राम चैनल ने अल-अरबी अल-जदीद वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि तेहरान खाड़ी देशों के साथ बातचीत कर रहा है और ऐसी किसी भी पहल का स्वागत करेगा, जो ईरान पर अमेरिका-इजरायली युद्ध को समाप्त करने की गारंटी दे सके।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने मध्य पूर्व में आम लोगों या रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने पड़ोसियों के साथ एक समिति बनाने के लिए तैयार है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है।