इजरायल ने ईरान में 400 से अधिक ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक

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इजरायल ने ईरान में 400 से अधिक ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक

सारांश

इजरायली सेना का दावा है कि उसने ईरान में 400 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर का लक्ष्य बनाया गया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' के तहत की जा रही है।

मुख्य बातें

इजरायली सेना ने ईरान में 400 से अधिक ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।
ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' के तहत हमले किए गए हैं।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने नुकसान का आंकड़ा जारी किया है।
ईरान में कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतें नष्ट हुई हैं।
जहरीली बारिश का खतरा बढ़ गया है।

तेल अवीव, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली सेना ने आरोप लगाया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान में 400 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और हथियार निर्माण के स्थान शामिल हैं।

इजराइली रक्षा बल (आईडीएएफ) के मुताबिक, वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में कई महत्वपूर्ण हमले किए। इस दौरान मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियाँ, हथियार भंडारण केंद्र और अन्य सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाया गया।

आईडीएफ ने बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन “रोरिंग लायन” के तहत की गई है। इस ऑपरेशन के दौरान इजरायली वायुसेना ने अब तक सैकड़ों हमले किए हैं।

वहीं, ईरान की राहत संस्था ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में कई रिहायशी इमारतें नष्ट हो गई हैं। संगठन के अनुसार, अब तक 9,669 नागरिक इकाइयाँ पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं।

संस्था द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7,943 आवासीय और 1,617 व्यावसायिक इमारतों को गंभीर नुकसान हुआ है।

रेड क्रिसेंट का कहना है कि इन हमलों से कई शहरों में आम लोगों के घर और व्यापारिक ढाँचे पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। पहले भी यह संगठन बता चुका है कि हजारों घरों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को नुकसान पहुँच चुका है।

ईरान की राजधानी तेहरान के 3 तेल भंडारण स्थलों पर इजरायली हमले के बाद आसमान काले धुएँ से भर गया। इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने तेल प्लांट में धमाकों के बाद जहरीली बारिश का खतरा बताया है।

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (आईआरसीएस) ने आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि तेल प्लांट में धमाकों के बाद बारिश जहरीली हो सकती है। ऐसी बारिश से त्वचा पर रासायनिक जलन हो सकती है और फेफड़ों को नुकसान पहुँच सकता है।

टेलीग्राम पोस्ट में, एजेंसी ने निर्देश दिए हैं कि धमाकों के बाद आई बारिश के दौरान किसी भी स्थिति में अपने घर से बाहर न निकलें। यदि आप बाहर हैं, तो तुरंत कंक्रीट या धातु की छत के नीचे पनाह लें और पेड़ों के नीचे पनाह लेने से बचें। यदि बारिश आपकी त्वचा के संपर्क में आती है, तो प्रभावित स्थान को रगड़ें नहीं और केवल ठंडे पानी से धोएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों के जीवन को भी खतरे में डालती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल ने ईरान में कब एयर स्ट्राइक की?
इजरायल ने 8 मार्च को ईरान में 400 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।
इस एयर स्ट्राइक का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
इस एयर स्ट्राइक का उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और हथियार निर्माण के ठिकानों को निशाना बनाना था।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने क्या कहा?
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि हमलों में कई रिहायशी इमारतें नष्ट हो गई हैं।
क्या ईरान में कोई स्वास्थ्य खतरा है?
हाँ, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने धमाकों के बाद जहरीली बारिश का खतरा बताया है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लोगों को बाहर जाने से बचना चाहिए और बारिश के संपर्क में आने पर सावधानी बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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