ईरान में संकट: हजारों लोग बेघर, 32,000 अफगानिस्तान पहुंचे - संयुक्त राष्ट्र
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में बिगड़ते हालात के कारण लोग बेघर हो रहे हैं।
- 32,000 लोग अफगानिस्तान पहुंचे हैं।
- राहत शिविरों पर बढ़ रहा है दबाव।
- अमेरिका-इजरायल के हमलों में 24,500 सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- कई हवाई अड्डे और सीमाएं बंद हैं।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने रविवार को यह जानकारी दी कि ईरान में हालात की गंभीरता के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को छोड़कर अन्य देशों की ओर बढ़ रहे हैं। कई शहरों में आवास और आवश्यक सेवाओं से संबंधित संरचनाएं नष्ट हो गई हैं, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों की खोज में निकले हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कई लोग देश के उत्तरी क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें वहां की स्थिति अधिक सुरक्षित प्रतीत होती है। एजेंसी ने बताया कि लोग ईरान के 20 से अधिक प्रांतों में विभिन्न स्थानों पर शरण ले रहे हैं और राहत शिविरों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा, कई लोग पड़ोसी देशों की ओर रुख कर रहे हैं। लगभग 32,000 लोग अफगानिस्तान और लगभग 4,000 लोग पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि कई हवाई अड्डे और सीमाएं अभी भी बंद हैं।
इस बीच, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने रविवार को बताया कि पूरे ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों में 24,500 से अधिक सार्वजनिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें लगभग 20,000 आवासीय इकाइयां, 4,500 व्यावसायिक केंद्र और 69 स्कूल शामिल हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि इन हमलों में कम से कम 202 बच्चे और 223 महिलाएं मारी गई हैं, जिनमें तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, मारे गए 12 बच्चे पांच साल से कम उम्र के थे।
दूसरी ओर, इजरायल में भी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ संघर्ष के कारण 108 घायल लोगों को अस्पताल लाया गया। मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से रविवार सुबह तक, 3,195 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 81 अभी भी अस्पताल में हैं।