सरकारी शिक्षक बनने का सपना सच होगा, हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने 808 पदों पर की भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
मंडी, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। यदि आप सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं तो हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने युवाओं के लिए 808 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। एचपीआरसीए ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इन पदों की जानकारी साझा की है, जिसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 8 मई है। यदि आप शिक्षक बनने की इच्छा रखते हैं, तो कृपया अंतिम तिथि से पहले आवेदन भरें।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने 9 अप्रैल को शिक्षकों के 808 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की है, जिसमें केवल बीएड और एमए डिग्री धारक उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया 17 अप्रैल से ऑनलाइन प्रारंभ होगी और यह 8 मई तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार एचपीआरसीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस अधिसूचना में नौकरी से संबंधित सभी विवरण, रिक्तियां, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने की विधि के बारे में बताया गया है।
फॉर्म भरने के लिए सभी उम्मीदवारों को 800 रुपए का शुल्क देना होगा और सुधार शुल्क अलग से 100 रुपए निर्धारित किया गया है। सुधार की समय सीमा समापन तिथि के 4 दिन बाद शुरू होगी और सुधार विंडो सुबह 9 बजे प्रारंभ होगी। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 साल और अधिकतम आयु 45 वर्ष होनी चाहिए।
एचपीआरसीए ने 808 पदों पर भर्ती की है, जिसमें संगीत, कला, फिजिकल एजुकेशन और संस्कृति शिक्षकों के लिए अलग-अलग 118 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा, इतिहास के लिए 86, हिंदी के लिए 151, और भूगोल के लिए 99 पदों का भी प्रावधान है। निश्चित मानदेय 30 हजार रुपए होगा।
संगीत शिक्षक के लिए गायन में एमए, बीएड और हिंदी और अंग्रेजी में प्रवीणता जरूरी है। कला के लिए 12वीं पास होना और कला एवं शिल्प में 2 वर्षीय डिप्लोमा या फाइन आर्ट्स में बीए होना अनिवार्य है, जिसमें 50 फीसदी अंक होने चाहिए। संस्कृत के शिक्षक के लिए संस्कृत में एमए, बीएड, टीईटी उत्तीर्ण और हिंदी एवं अंग्रेजी में प्रवीणता आवश्यक है। शारीरिक शिक्षा शिक्षक के लिए बीपीएड या स्नातक होना अनिवार्य है, जिसमें 50 फीसदी से अधिक अंक होना आवश्यक है।
इतिहास के शिक्षक के लिए इतिहास में स्नातकोत्तर, टीईटी उत्तीर्ण और हिंदी एवं अंग्रेजी में दक्षता होनी चाहिए। हिंदी के शिक्षक के लिए हिंदी में स्नातकोत्तर, टीईटी उत्तीर्ण और हिंदी एवं अंग्रेजी में दक्षता आवश्यक है।