जेडी वेंस ने PM मोदी को किया फोन, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 8 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह वार्ता दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतर बनी हुई गति को रेखांकित करती है।
वार्ता में क्या-क्या हुआ
बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ, ऊर्जा सुरक्षा तथा महत्वपूर्ण खनिज जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का फोन प्राप्त हुआ। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में और मजबूती प्राप्त करने के तरीकों पर चर्चा की। मैंने उन्हें और सेकेंड लेडी को पुत्र के जन्म पर हार्दिक बधाई दी और पूरे परिवार के लिए शुभकामनाएं दीं।'
व्यक्तिगत बधाई का क्षण
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके पुत्र के जन्म पर हार्दिक बधाई दी और संपूर्ण परिवार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह व्यक्तिगत संवाद दोनों नेताओं के बीच बन रहे घनिष्ठ संबंधों का संकेत देता है।
पृष्ठभूमि: रुबियो-जयशंकर की मनीला बैठक
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब जुलाई 2026 में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मुलाकात की थी। उस बैठक में दोनों ने प्रमुख रक्षा समझौतों पर काम तेज करने और अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई थी।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, उस बैठक में रक्षा सहयोग में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई थी — विशेष रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच पिछले वर्ष हुए समझौतों के अनुरूप महत्वपूर्ण रक्षा करारों को अंतिम रूप देने की दिशा में।
व्यापार समझौते की स्थिति
अमेरिका ने संकेत दिया था कि अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता 'लगभग पूरा हो चुका है', जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि भारत-अमेरिका संबंध हाल के वर्षों में तकनीक, रक्षा और व्यापार — तीनों मोर्चों पर एक साथ सक्रिय हुए हैं, जो इस साझेदारी की बढ़ती व्यापकता को दर्शाता है।
आगे की राह
उच्चस्तरीय फोन वार्ता और मंत्रिस्तरीय बैठकों की यह श्रृंखला इशारा करती है कि आने वाले महीनों में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और रक्षा करारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का दायरा भी विस्तृत होता दिख रहा है।