योगी आदित्यनाथ का टीएमसी पर हमला: तुष्टिकरण और माफियाराज का प्रतीक
सारांश
Key Takeaways
- योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी पर तुष्टिकरण और माफियाराज का आरोप लगाया।
- बंगाल की सांस्कृतिक पहचान संकट में है।
- उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कानून-व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता बताई।
- बंगाल में अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप।
- भाजपा उम्मीदवारों को समर्थन देने का आह्वान किया।
पूर्वी मेदिनीपुर, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभाओं के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा हमला करते हुए इसे ‘तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी’ की राजनीति का प्रतीक बताया। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और विकास पर सवाल उठाते हुए परिवर्तन का आह्वान किया।
पश्चिम बंगाल के नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं में मुख्यमंत्री योगी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जोरदार वार किया। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब है “तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी”, जिसने राज्य की विकास यात्रा में बाधा उत्पन्न की है। टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज बंगाल में “मां असुरक्षित, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत” है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और राजनीतिक हिंसा जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, रवीन्द्रनाथ ठाकुर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों को याद किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि कभी देश को दिशा देने वाली थी, लेकिन अब इसकी पहचान संकट में है।
उन्होंने कहा कि राज्य में जनसांख्यिकी बदलने के प्रयास हो रहे हैं और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम और हावड़ा जैसे जिलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने की साजिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले वहां भी अराजकता और दंगों की स्थिति थी, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन सरकार’ बनने के बाद हालात में सुधार आया और अब प्रदेश दंगा और कर्फ्यू मुक्त है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है और ‘बुलडोजर’ अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक प्रभावी प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि इसी मॉडल को बंगाल में भी लागू किया जा सकता है।
सीएम योगी ने कोलकाता के मेयर के कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि 'बंगाल की जनता उर्दू नहीं, बांग्ला बोलेगी' और राज्य की सांस्कृतिक पहचान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार रामनवमी जैसे आयोजनों में बाधा डालती है और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार के मुद्दे पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी प्रश्नचिह्न लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कभी 'कल्चरल कैपिटल' के रूप में जाना जाता था, वह अब 'क्राइम कैपिटल' बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई विकास योजनाओं की राशि का दुरुपयोग हो रहा है और उद्योगों का पलायन जारी है। उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में वोट की अपील करते हुए कहा कि बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर वापस लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस दिन पूरा देश एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, भारत विरोधी ताकतें कमजोर होंगी और विकास एवं सुशासन का नया अध्याय शुरू होगा।