मोहन यादव की सरकार ने 20 हजार करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी।
- महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत।
- सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को 286 करोड़ 26 लाख रुपये की स्वीकृति।
- कृषि यंत्रीकरण के लिए 2,250 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- नई चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
भोपाल, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की सोमवार को आयोजित बैठक में लगभग 20 हजार करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में यह मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई।
मंत्रिपरिषद ने लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए लगभग 19,810 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इसमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजनाएं, महिला बाल विकास कार्य, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों और कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।
मंत्रिपरिषद ने सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए किसानों को लाभ मिलेगा।
लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें बी.ओ.टी. मार्गों का विकास और पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये, बी.ओ.टी. परियोजनाओं के अंत में भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये, एन्यूटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और म.प्र. सड़क विकास निगम (एन.डी.बी.) बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है।
मंत्रिपरिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 2,250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी।
मंत्रिपरिषद द्वारा भारत सरकार की सहायता से नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से जोड़ने की योजना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना और महिला हेल्पलाइन-181 योजना के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।