अभिषेक बनर्जी का वादा: वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों के मतदान अधिकार पुनर्स्थापित होंगे

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अभिषेक बनर्जी का वादा: वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों के मतदान अधिकार पुनर्स्थापित होंगे

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में एक रैली में वादा किया है कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, उनके मतदान अधिकार बहाल किए जाएंगे। यह आश्वासन उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद दिया।

Key Takeaways

  • अभिषेक बनर्जी ने मतदान अधिकार बहाल करने का वादा किया।
  • मतदाता सूची से हटाए गए नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद लौटाए जाएंगे।
  • भाजपा पर बंगाली संस्कृति पर हमले का आरोप लगाया गया।
  • 4 मई को तृणमूल कांग्रेस की नई सरकार बनने की उम्मीद है।
  • मतदाताओं को अपनी शक्ति को पहचानने का आह्वान किया गया।

कोलकाता, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप राज्य की मतदाता सूची से जिनके नाम हटाए गए हैं, उनके मतदान के अधिकार को पुनर्स्थापित करने का आश्वासन दिया।

नादिया जिले के करीमपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के एक महीने के भीतर ऐसे लोगों के मतदान के अधिकार बहाल कर दिए जाएंगे।

उन्होंने विधानसभा चुनाव के संदर्भ में पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में करीमपुर में एक बैठक का आयोजन किया।

अभिषेक बनर्जी ने कहा, "एसआईआर के बाद, उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और सही दस्तावेज होने के बावजूद भी मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए हैं। मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप अपना वोट सीधे ममता बनर्जी को दें, जिनकी सरकार 4 मई को बनेगी। ज्ञानेश कुमार का खेल खत्म हो जाएगा। इसके बाद, ममता बनर्जी की सरकार एक महीने के भीतर मतदान के अधिकार बहाल करेगी। यह हमारी शपथ है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह हमारे पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में नहीं है, लेकिन यह हमारे मन में है। भाजपा ने कहा था कि वह एनआरसी लागू करेगी। हमने ऐसा नहीं होने दिया। भाजपा का मतलब है हिरासत। तृणमूल का मतलब है कोई तनाव नहीं।"

बनर्जी ने इसी जिले के राणाघाट में एक और जनसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, "मातुआ समुदाय के लोगों के नाम हटाए गए हैं। जिन लोगों ने पहले इन लोगों के वोटों से चुनाव जीते थे, अब उन्होंने इनके वोट देने के अधिकार छीन लिए हैं। तृणमूल सरकार भाजपा को वोट देने वालों को लक्ष्मी भंडार और घर दे रही है। उन्हें अब समझ आ जाना चाहिए कि उनके साथ धोखा हुआ है।"

इस दिन अभिषेक बनर्जी ने बैठक से संबंधित कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने भाजपा पर बंगाली संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया।

बनर्जी ने कहा कि भाजपा मछली और मांस खाने वाले लोगों पर बार-बार हमला कर रही है। तृणमूल उम्मीदवारों से चुनाव जीतने का आह्वान करते हुए उन्होंने चेतावनी दी, "भाजपा इन लोगों को पैसे रोककर दंडित करने की सोच रही है। बंगाली 4 मई को दिखाएंगे कि सजा क्या होती है। वे मतदान के दिन लॉकडाउन, नोटबंदी और एसआईआर की कतारों में खड़े होने के विरोध में कतार में खड़े होंगे।"

Point of View

जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा कितनी तीव्र है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने मतदान अधिकार बहाल करने का वादा कब किया?
उन्होंने यह वादा 13 अप्रैल को कोलकाता में एक रैली के दौरान किया।
कौन से समुदाय के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं?
मातुआ समुदाय के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।
क्या तृणमूल कांग्रेस का यह कदम चुनाव पर असर डालेगा?
हां, यह कदम चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है और तृणमूल कांग्रेस की स्थिति को मजबूत कर सकता है।
कब तक मतदान अधिकार बहाल किए जाएंगे?
एक महीने के भीतर मतदान अधिकार बहाल किए जाएंगे।
भाजपा पर अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने भाजपा पर बंगाली संस्कृति पर हमला करने का आरोप लगाया।
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