कांग्रेस पार्टी के निर्णय पर प्रियांक खड़गे का समर्थन, अब्दुल जब्बार का निष्कासन उचित

Click to start listening
कांग्रेस पार्टी के निर्णय पर प्रियांक खड़गे का समर्थन, अब्दुल जब्बार का निष्कासन उचित

सारांश

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने अब्दुल जब्बार के निष्कासन के निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने पार्टी के फैसलों की महत्ता पर जोर दिया और महिला आरक्षण बिल से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से सवाल उठाए।

Key Takeaways

  • अब्दुल जब्बार का निष्कासन कांग्रेस पार्टी के अनुशासन का प्रतीक है।
  • महिला आरक्षण बिल की सार्वजनिकता की आवश्यकता है।
  • जनगणना के बिना परिसीमन संभव नहीं है।
  • कर्नाटक को उसके आर्थिक योगदान के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।
  • सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

बेंगलुरु, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी के निर्णयों का समर्थन करते हुए कहा कि अब्दुल जब्बार को पार्टी से निकालने का निर्णय पूरी तरह से उचित है।

प्रियांक खड़गे ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "पार्टी द्वारा लिया गया हर निर्णय सही है। चाहे वह उम्मीदवारों से संबंधित हो या खर्चों के मामले में। पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। सभी को पार्टी की नीति का पालन करना होगा।"

उन्होंने दावणगेरे उपचुनाव के संदर्भ में कहा कि जब पार्टी ने टिकट की घोषणा कर दी, तो यह हर कांग्रेस कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह पार्टी की नीति का पालन करे। प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि अब्दुल जब्बार के खिलाफ कार्रवाई उनके खर्चों और अन्य मुद्दों पर आधारित है। उन्होंने कहा, "पार्टी में कई नेता ऐसे मुद्दे उठाते हैं, लेकिन कार्रवाई केवल हाईकमान के समक्ष पेश की गई जानकारी पर निर्भर करती है। यदि आवश्यक हुआ, तो अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।"

महिला आरक्षण बिल और संसद के विशेष सत्र के बारे में प्रियांक खड़गे ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार महिला आरक्षण का समर्थन कर रही है, लेकिन इस बिल का मसौदा सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "देश की महिलाएं जानना चाहती हैं कि इस बिल में क्या है और उन्हें किस प्रकार सशक्त किया जा रहा है। कैबिनेट ने बिल को पास कर दिया है, लेकिन हितधारकों से चर्चा क्यों नहीं की जा रही?"

प्रियांक खड़गे ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण, पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए पहले जनगणना जरूरी है। उन्होंने कहा, "बिना आंकड़ों के परिसीमन कैसे होगा? जनगणना पूरी करो, डेटा प्रस्तुत करो, फिर आगे की कार्रवाई करो। पिछले 13 वर्षों से प्रधानमंत्री ने इस मामले में कोई कदम क्यों नहीं उठाया? हर 10 साल में जनगणना होनी चाहिए थी।"

उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों की रक्षा पर भी बात की और कहा, "कर्नाटक बेहतर निवेश, अधिक नौकरियों और अधिक टैक्स राजस्व पैदा कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे पुरस्कृत करने के बजाय दंडित कर रही है। हम मांग करते हैं कि पहले जनगणना हो, फिर परिसीमन। यह 130 करोड़ लोगों के भविष्य का सवाल है।"

सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए प्रतिबंध के मामले में प्रियांक खड़गे ने कहा कि सरकार कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाना चाहती, बल्कि एक सुरक्षित माहौल बनाना चाहती है। उन्होंने बताया, "हमने एक समिति बना ली है। अभिभावकों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रौद्योगिकी कंपनियों से चर्चा कर रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के कारण कुछ समय लगेगा, लेकिन अगले कुछ महीनों में हम एक रूपरेखा तैयार कर लेंगे।"

प्रियांक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पीएम मोदी से मुलाकातों का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्नाटक एनडीआरएफ, जेजेएफ और कर बंटवारे जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक आर्थिक विकास का इंजन है और इसे दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

Point of View

लेकिन महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाना आवश्यक है।
NationPress
19/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रियांक खड़गे ने अब्दुल जब्बार के निष्कासन के बारे में क्या कहा?
प्रियांक खड़गे ने कहा कि अब्दुल जब्बार का निष्कासन उचित है और सभी को पार्टी की नीति का पालन करना चाहिए।
महिला आरक्षण बिल पर प्रियांक खड़गे का क्या मत है?
उन्होंने इस बिल के मसौदे की सार्वजनिकता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि महिलाओं को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए।
जनगणना और परिसीमन के बारे में प्रियांक खड़गे ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जनगणना के बिना परिसीमन संभव नहीं है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कर्नाटक के आर्थिक विकास पर प्रियांक खड़गे का क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने कहा कि कर्नाटक आर्थिक विकास का इंजन है और इसे दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए प्रतिबंध के बारे में प्रियांक खड़गे ने क्या उल्लेख किया?
उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षित माहौल बनाना चाहती है और इसके लिए एक समिति बनाई गई है।
Nation Press