अमेरिका ने स्वीकार किया: लापता 'एमक्यू-4सी ट्राइटन' ड्रोन की दुर्घटना, तीन घंटे की उड़ान पर था होर्मुज में
सारांश
मुख्य बातें
वाशिंगटन, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका का अत्याधुनिक और महत्वाकांक्षी ड्रोन, जो फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा था, दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। अमेरिकी नौसेना ने पुष्टि की है कि उसका लापता ड्रोन 'एमक्यू-4सी ट्राइटन' खाड़ी क्षेत्र में क्रैश हो गया।
यह जानकारी हाल ही में जारी की गई यूनाइटेड स्टेट्स नेवल सेफ्टी कमांड की रिपोर्ट में सामने आई है। यह हाई-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस (एचएलीई) निगरानी ड्रोन समुद्री क्षेत्र में जासूसी और दुश्मनों पर निगरानी के लिए कार्य करता है, जिसकी कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इसे 24 घंटे तक हवा में रहने के लिए डिजाइन किया गया है।
अमेरिकी नौसेना सुरक्षा कमांड की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है—9 अप्रैल 2026 (स्थान गोपनीय—ऑपरेशनल सिक्योरिटी) एमक्यू-4सी क्रैश।
संयोगवश, अमेरिकी रक्षा विभाग के नियमानुसार, 2.5 मिलियन डॉलर से अधिक के नुकसान वाले हादसों को क्लास ए मिसहैप माना जाता है। यह भी इसी श्रेणी में आता है, यानी लगभग 2000 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन किसी हमले का शिकार नहीं हुआ, बल्कि 9 अप्रैल को “क्रैश” हुआ था। यह मानवरहित ड्रोन होर्मुज में इंटरनेशनल एयरस्पेस में 3 घंटे के रूटीन मिशन पर निकला था।
पर्सियन गल्फ के ऊपर उड़ान भरते समय जब यह ड्रोन अचानक ऑनलाइन फ्लाइट ट्रैकिंग साइट्स से गायब हो गया, तब ब्रॉडकास्ट इमरजेंसी कोड 7700 सक्रिय हो गया, जो आमतौर पर इन-फ्लाइट इमरजेंसी के लिए उपयोग में लाया जाता है। सूत्रों के अनुसार, इसे ईरानी एयर फोर्स द्वारा नष्ट करने का दावा किया गया था; हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। 'द वॉर जोन' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन 50,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरा और 10,000 फीट से भी नीचे पहुंचने पर संपर्क टूट गया।
नेवी ने ऑपरेशनल सुरक्षा कारणों से दुर्घटना की सटीक जगह का खुलासा नहीं किया है। विमान में अमेरिका का कोई कर्मी सवार नहीं था, और किसी भी घायल होने की सूचना नहीं है।
ट्राइटन ड्रोन को नॉर्थरॉप ग्रुम्मन द्वारा विकसित किया गया है। यह अमेरिकी नेवी का सबसे उन्नत मानवरहित एरियल सिस्टम है, जिसे ऊंचाई पर उड़ान भरने और लंबे समय तक मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ग्रुम्मन की आधिकारिक वेबसाइट पर दावा किया गया है कि यह रक्षा के लिए सबसे उन्नत और लंबे समय तक टिकने वाली प्रणाली है।
यह घटना यहीं समाप्त नहीं होती। इसी समय में अमेरिका ने अपने 24 अन्य एमक्यू-9 रीपर ड्रोन भी खो दिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 6727 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस प्रकार, कुल 25 ड्रोन के नुकसान ने अमेरिकी सैन्य रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्राइटन, एमक्यू-4 ग्लोबल हॉक का एक संस्करण है, और समुद्री निगरानी में विशेषज्ञता रखता है। इस विमान की रेंज 13,000 किलोमीटर से भी अधिक है, जो विस्तृत क्षेत्रों की निगरानी के लिए आवश्यक है। यह खराब मौसम में भी कार्य करने की क्षमता रखता है। इसके एयरफ्रेम को समुद्र के खराब मौसम का सामना करने के लिए मजबूती से डिजाइन किया गया है, जिससे यह सभी प्रकार के हालात में समुद्र के ऊपर अपनी स्थिति बनाए रख सकता है।
प्रत्येक विमान में एएन/जेडपीवाई-3 मल्टी-फंक्शन एक्टिव सेंसर रडार होता है, जिसे 360 डिग्री समुद्री निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह व्यापक क्षेत्रों में जहाजों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है। यह ड्रोन रीयल टाइम में डेटा अन्य सैन्य जहाजों और विमानों तक भेजने में सक्षम है, जो अमेरिकी सेना को समुद्री क्षेत्रों में निरंतर निगरानी में मदद करता है; इसकी लागत अन्य विमानों की तुलना में आधी होती है।
इसीलिए, विदेशी मीडिया इसे ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका मान रही है। हालांकि ट्रंप ने इस संघर्ष में ईरान को नष्ट करने का बार-बार दावा किया है, लेकिन 25 ड्रोन के नुकसान ने अमेरिका के लिए एक गंभीर आघात उत्पन्न किया है।