फीफा विश्व कप 2026 विजेता कोच लुइस डे ला फुएंते का अनुबंध 2032 तक बढ़ा, स्पेन को मिली बड़ी स्थिरता
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन को फीफा विश्व कप 2026 का चैंपियन बनाने वाले मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने 2032 तक अपना अनुबंध बढ़ाने पर सहमति दे दी है। स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष राउल लूजन ने 17 सितंबर 2026 को वर्ल्ड फुटबॉल समिट में यह जानकारी साझा की। इस फैसले से स्पेन की राष्ट्रीय टीम को दीर्घकालिक तकनीकी स्थिरता मिलेगी।
अनुबंध विस्तार का आधार
लूजन ने स्पष्ट किया कि डे ला फुएंते का करार बढ़ाना उनके शानदार नतीजों, कार्यशैली और व्यापक जन-समर्थन को देखते हुए किया गया है। उनकी मौजूदा डील यूरो 2028 के बाद तक थी, जिसे अब 2032 तक विस्तारित किया जा रहा है।
लूजन ने कहा, 'उनके नतीजे खुद बोलते हैं, और उनका काम करने का तरीका खुद बोलता है। जनता उन्हें प्यार करती है और उनकी तारीफ करती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि डे ला फुएंते को नई शर्तों के तहत आर्थिक रूप से दुनिया के शीर्ष-10 कोचों की श्रेणी में रखा जाएगा, जो पहले नहीं था।
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
स्पेन के पूर्व अंडर-21 कोच डे ला फुएंते ने लुइस एनरिक की जगह 2022 विश्व कप के बाद वरिष्ठ टीम की कमान संभाली थी। तब से उनका रिकॉर्ड अभूतपूर्व रहा है — 2023 यूईएफए नेशंस लीग, यूरो 2024 और अब फीफा विश्व कप 2026 — तीन बड़े खिताब।
विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली मज़बूत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीता। यह स्पेन का दूसरा विश्व कप खिताब रहा। ठीक 2 साल पहले स्पेन ने यूरोपीय चैंपियनशिप में इंग्लैंड को 2-1 से हराया था।
युवा स्तर पर लंबा सफर
डे ला फुएंते का स्पेन के साथ सफर 14 वर्षों से अधिक पुराना है। उन्होंने यूथ सेट-अप में 9 साल बिताए, जिसमें 2015 यूरोपियन अंडर-19 चैंपियनशिप, 2019 यूरोपियन अंडर-21 चैंपियनशिप और टोक्यो 2021 ओलंपिक में रजत पदक शामिल हैं।
लूजन ने कहा, 'वह 14 साल से हमारे साथ हैं और मैं चाहता हूँ कि वह अपना करियर यहीं खत्म करें। हम अनुबंध को अंतिम रूप दे रहे हैं ताकि वह और सालों तक हमारे साथ बने रहें।'
स्पेन के भविष्य पर असर
यह करार विस्तार सुनिश्चित करता है कि स्पेन यूरो 2028 और उससे आगे 2030 फीफा विश्व कप तक डे ला फुएंते के नेतृत्व में ही उतरेगी। गौरतलब है कि यूरोप में बड़े राष्ट्रीय दल अक्सर बड़े खिताब के तुरंत बाद कोचिंग परिवर्तन के दबाव में आते हैं — स्पेन का यह फैसला उस प्रवृत्ति के विपरीत एक सुविचारित निरंतरता की नीति दर्शाता है।