एनएचए ने नवप्रवर्तकों को एबी पीएम-जेएवाई ऑटो-अजूडकेशन हैकाथॉन में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया
सारांश
Key Takeaways
- डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन में तेजी लाने के लिए नवाचार की आवश्यकता।
- स्वचालन और एआई के माध्यम से दावों की प्रक्रिया को सरल बनाना।
- हैकाथॉन में भागीदारी से नवप्रवर्तकों को अवसर मिलेगा।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई), जो सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा संचालित एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है।
यह योजना देशभर में डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन को तेज़ करने का कार्य कर रही है और प्रतिदिन लगभग 50,000 दावों का निपटान 1,900 से अधिक उपचार पैकेजों के अंतर्गत कर रही है। इस विशाल दावों के निपटान में गति, सटीकता और अनुपालन की अत्यधिक आवश्यकता है। वर्तमान में केवल 15-20 प्रतिशत दावों का निपटान स्वतः होता है, जबकि सभी पैकेजों के लिए एक उपयुक्त समाधान की आवश्यकता बनी हुई है।
दावों की बढ़ती संख्या और जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए, विभिन्न प्रकार की चिकित्सा प्रक्रियाओं और दस्तावेज़ स्वरूपों का प्रबंधन करने में सक्षम एक उन्नत स्वचालित निर्णय प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही है। स्वचालन, एआई-आधारित धोखाधड़ी का पता लगाने और मानकीकृत दस्तावेज़ीकरण के तात्कालिक लाभों का उपयोग करके दावों की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल किया जा सकता है, जिससे अधिक सुसंगत और पारदर्शी परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे।
एबी पीएम-जेएवाई ऑटो-अजूडकेशन हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य ऐसे अभिनव डिजिटल समाधानों को बढ़ावा देना है जो मौजूदा एबी पीएम-जेएवाई बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत हो सकें, मैनुअल प्रयासों को कम कर सकें, निपटान समय को घटा सकें और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक मापनीय, भविष्य की ओर अग्रसर निर्णय ढांचा प्रस्तुत कर सकें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को एबी पीएम-जेएवाई ऑटो-अजूडकेशन हैकाथॉन 2026 के लिए शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है, जिसमें अब तक देशभर से 2,600 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है।
इच्छुक छात्र, शोधकर्ता, डेवलपर, पेशेवर, स्टार्टअप और नवप्रवर्तक 13 अप्रैल तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रतिभागियों को चुनौतियों को समझने और संभावित समाधानों की पहचान करने में मदद करने के लिए एनएचए 13 अप्रैल से तीन मास्टरक्लास श्रृंखलाओं का आयोजन करेगा। इन सत्रों में दावों के निपटान प्रणाली, हैकाथॉन की मुख्य अपेक्षाएँ और डिजिटल स्वास्थ्य में नवाचार के उभरते अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।
हैकाथॉन का समापन 8-9 मई को बेंगलुरू में स्थित प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान में होगा, जहाँ विजेता टीमें स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र के विशेषज्ञों की निर्णायक समिति के समक्ष अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी। विजेताओं को प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए 5 लाख, 3 लाख, और 2 लाख रुपये के आकर्षक नकद पुरस्कार के साथ-साथ एनएचए के साथ संभावित सहयोग का अवसर भी दिया जाएगा।
यह हैकाथॉन एनएचए की भविष्य की डिजिटलीकरण की दिशा में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करके स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार किया जा सकेगा।