केरल बाढ़: 21 की मौत, 6 लापता; IMD का मध्य-उत्तर केरल में भारी बारिश का रेड अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
केरल में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण 4 अगस्त 2026 तक मृतकों की संख्या 21 पहुँच गई है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़, भूस्खलन और नदियों के उफान ने पूरे राज्य में तबाही मचाई है, हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं और घरों-सड़कों को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
मुख्य घटनाक्रम
पठानमथिट्टा जिले के रन्नी और अरनमुला सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं, जहाँ पंबा, अचनकोविल और कक्कत्तर नदियाँ अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों ने नदी तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। जंगली इलाकों में रात भर बारिश में कुछ कमी आई, लेकिन पठानमथिट्टा में स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
राहत एवं बचाव कार्य
जिला प्रशासन ने 74 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें 3,000 से अधिक विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है। शिविरों के माध्यम से आवश्यक सामग्री का वितरण जारी है, जबकि बचाव दल संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से पहाड़ी और बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
मुख्यमंत्री का दौरा
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन मंगलवार को पठानमथिट्टा जिले के सर्वाधिक प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। उनका पहला पड़ाव दोपहर में अरनमुला होगा, जहाँ वे जिला अधिकारियों से बातचीत करेंगे, राहत शिविरों के कामकाज का जायज़ा लेंगे और बचाव अभियानों की समीक्षा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में अहम है जब सरकार आपदा प्रबंधन को लेकर राजनीतिक आलोचनाओं का सामना कर रही है।
सरकार पर राजनीतिक दबाव
आलोचकों का कहना है कि बाढ़ के शुरुआती और निर्णायक घंटों में समन्वय की कमी रही, और यह सवाल उठाया जा रहा है कि समय पर कार्रवाई से आपदा का असर कम हो सकता था। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में मानसून आपदाओं में जवाबदेही को लेकर बहस पहले से ही तेज़ है।
IMD का अलर्ट और आगे का खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य और उत्तरी केरल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे नई बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है। आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।