केरल में भारी बारिश: भूस्खलन-बाढ़ से तीन की मौत, पथानामथिट्टा में 330 मिमी वर्षा; CM सतीशन ने संभाली कमान
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मध्य और उच्च पर्वतीय जिलों में 1 अगस्त को भारी बारिश से उत्पन्न भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई, एक व्यक्ति लापता है और हज़ारों लोग विस्थापित हो गए। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने स्थिति की व्यक्तिगत समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए।
मृतकों की पहचान और बचाव अभियान
तीनों पीड़ितों की पहचान सामने आई है। इडुक्की के कुदयाथूर स्थित अदूर माला में भूस्खलन में सुमति (माशिक्कलेल निवासी) की मृत्यु हुई। वागामोन के निकट कोलाहलामेडु में घर पर भूस्खलन की चपेट में आने से प्रभाकरन नायर (72 वर्ष, वैकोम) की जान गई। पूनजर थेक्केकरा के पय्यानिथोट्टम में घर गिरने से जोसेफिन जॉनी (24 वर्ष) की मौत हो गई। जोसेफिन की माँ रेजिना के मलबे में दबे होने की आशंका है और तलाशी अभियान जारी है। अदूर माला में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से दो लोगों को जीवित बचा लिया गया।
पथानामथिट्टा में 2018 जैसे हालात
पथानामथिट्टा जिले में बाढ़ की स्थिति सर्वाधिक गंभीर रही। जिले के कुछ हिस्सों में 330 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे पंबा नदी कुछ ही घंटों में उफान पर आ गई और रानी तथा कोन्नी के विशाल इलाकों में बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने इन हालात की तुलना 2018 की विनाशकारी बाढ़ से की। रानी-वडस्सेरिक्कारा रोड और अरयंजिलिमन्नू कॉजवे के जलमग्न हो जाने के बाद रानी शहर लगभग पूरी तरह कट गया। दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और घर पानी में डूब गए, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। बिजली गुल होने पर निवासियों ने ऊपरी मंजिलों में शरण ली और अग्निशमन व बचाव दल ने नावों से उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। कोल्लम से अतिरिक्त बचाव नौकाएं भेजी गईं।
सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार, मुख्य सचिव और प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से टेलीफोन पर चर्चा करते हुए आपदा प्रबंधन का केंद्रीय समन्वय राजस्व मंत्री को सौंपा। राजस्व मंत्री ने जिला कलेक्टरों की आपातकालीन बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के लिए सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने, पुनर्वास में तेज़ी लाने और राहत कार्यों को मज़बूत करने के निर्देश दिए। दो राज्य मंत्री इडुक्की में राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। राजस्व मंत्री ने चेतावनी दी कि पथानामथिट्टा से बाढ़ का पानी अलाप्पुझा की ओर बह सकता है, जहाँ एहतियाती चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है।
मौसम विभाग की चेतावनी और दीर्घकालिक चिंताएँ
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों ने वर्षा की मात्रा और तीव्रता को सामान्य पूर्वानुमान से परे बताया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नदी तटों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है। राजस्व मंत्री ने एक व्यापक पर्यावरणीय चिंता भी उठाई — केरल की कई नदियों की जल-वहन क्षमता रेत और गाद के भारी जमाव के कारण काफी घट गई है। सरकार नदी चैनलों की बहाली और बाढ़ से बचाव के दीर्घकालिक उपायों की जाँच करेगी।
आगे क्या
रेड अलर्ट वाले जिलों में बारिश जारी रहने की आशंका को देखते हुए NDRF की अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं। सरकार रानी के व्यापारियों को हुए नुकसान का आकलन करेगी और उचित सहायता प्रदान करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब केरल पहले से ही मानसून आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों को लेकर जाँच के दायरे में है — 2018 और 2019 की बाढ़ के बाद से बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरियाँ अब भी पूरी तरह दूर नहीं हुई हैं।