केरल में बाढ़-बारिश का कहर: 8 मौतें, 8 लापता, 5,792 लोग राहत शिविरों में; 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
केरल में भारी बारिश से उपजी आपदा में 2 अगस्त 2026 तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, 13 लोग घायल हैं और 8 लोग अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने रविवार को यह जानकारी देते हुए मृतकों के परिवारों और आजीविका गँवाने वाले लोगों को वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया। राज्य में राहत एवं बचाव अभियान पूरी तेज़ी से जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सतीशान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, 'राज्य में भारी बारिश से हुई आपदा के संबंध में राजस्व मंत्री, जिलों के लिए जिम्मेदार मंत्रियों और जिला प्रशासनों के साथ बातचीत जारी है।' उन्होंने कहा कि नवीनतम आँकड़ों के अनुसार 5,792 लोगों को 209 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 196 घरों को आंशिक क्षति पहुँची है।
राहत एवं सफाई अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। उन्होंने राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों से राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। सतीशान ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवी कार्यकर्ता राहत कार्यों में पहले से ही सक्रिय हैं और किसी भी ज़रूरत के लिए सरकारी व्यवस्थाओं से संपर्क किया जा सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड शामिल हैं, जहाँ भारी बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। गौरतलब है कि शनिवार की सुबह IMD ने पथानामथिट्टा और इडुक्की सहित कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, लेकिन तब तक भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी थी।
बाँधों पर रेड और ऑरेंज अलर्ट
केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) के अंतर्गत आने वाले कई बाँधों के लिए भी अलर्ट जारी किए गए हैं। मूझियार, कल्लारकुट्टी, एराट्टयार, लोअर पेरियार और पेरिंगलकुट्टू बाँधों के लिए रेड अलर्ट जारी है, जबकि कुट्टयाडी बाँध के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की तैयारी
मुख्यमंत्री सतीशान ने स्पष्ट किया कि हालाँकि बारिश की मात्रा में कुछ कमी आई है, पर पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य सरकार मृतकों के परिवारों तथा घर और आजीविका खोने वाले लोगों को सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में राहत वितरण और पुनर्निर्माण कार्य तेज़ होने की उम्मीद है।