3 अगस्त 2026
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केरल बाढ़: CM सतीशन बोले- 'प्रबंधन में कोई चूक नहीं', हेलीकॉप्टर विवाद पर भी दिया करारा जवाब

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केरल बाढ़: CM सतीशन बोले- 'प्रबंधन में कोई चूक नहीं', हेलीकॉप्टर विवाद पर भी दिया करारा जवाब

सारांश

केरल में बाढ़ से 15 मौतें और 11,000 से अधिक विस्थापित — फिर भी CM सतीशन का दावा है कि प्रबंधन में कोई चूक नहीं। हेलीकॉप्टर यात्रा और दोपहर के भोजन को लेकर उठे विवाद ने आपदा राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।

मुख्य बातें

केरल में बाढ़ से अब तक 15 लोगों की मौत , 7 लापता ; 316 राहत शिविरों में 11,018 लोग शरण में।
पथानामथिट्टा एकमात्र जिला जहाँ बाढ़ का पानी अभी भी धीरे-धीरे कम हो रहा है।
मृतकों के परिजनों को ₹8 लाख सहायता; विस्थापित परिवारों को ₹10,000 तत्काल राहत।
3,000 से अधिक किसानों की 165 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान; कैबिनेट जल्द मुआवज़े पर निर्णय लेगी।
CM सतीशन ने हेलीकॉप्टर यात्रा को उचित ठहराया — कहा, सरकारी खजाने पर एक रुपए का भी अतिरिक्त खर्च नहीं।
बाँधों के ओवरफ्लो की अफवाहों को निराधार बताया; गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 3 अगस्त को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में बाढ़ प्रबंधन में कोई भी प्रशासनिक चूक नहीं हुई। उन्होंने विपक्ष पर आपदा के दौरान भ्रामक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया और सरकारी हेलीकॉप्टर के उपयोग को लेकर उठे विवाद पर भी सीधा जवाब दिया।

बाढ़ की मौजूदा स्थिति

मुख्यमंत्री सतीशन ने बताया कि केरल में बाढ़ की स्थिति अधिकांश जिलों में नियंत्रण में है। पथानामथिट्टा एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ बाढ़ का पानी अभी भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। राज्यभर में 316 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 11,018 लोगों को आश्रय दिया गया है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग अभी भी लापता हैं।

बचाव अभियान के तहत कोल्लम से पथानामथिट्टा के लिए 14 बचाव नौकाएँ भेजी गई हैं। सुलूर से 2 हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर हैं, एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं और कन्नूरवायनाड में सेना की टुकड़ियाँ आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

पूर्व तैयारी और मौसम की अप्रत्याशितता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को भारी बारिश की आशंका पहले से थी और इसी के मद्देनज़र 30 जुलाई1 अगस्त को जिला कलेक्टरों की बैठकें बुलाई गई थीं। उन्हें निर्देश दिया गया था कि बारिश तेज होने से पहले राहत शिविर और आपातकालीन व्यवस्थाएँ पूरी तरह तैयार कर ली जाएँ।

वर्षा की तीव्रता का उल्लेख करते हुए सतीशन ने बताया कि वडासेरिकारा समेत कुछ स्थानों पर 350 मिमी और कई अन्य क्षेत्रों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई — जबकि 200 मिमी से अधिक वर्षा को 'अत्यधिक बारिश' की श्रेणी में रखा जाता है। उन्होंने कहा, 'मैंने मौसम विभाग के विशेषज्ञों से पूछा कि बादल फटने जैसी बारिश का पहले से पता क्यों नहीं चल पाया। उन्होंने बताया कि यह बढ़ते तापमान के कारण मौसम की एक नई घटना थी और इसका पूर्वानुमान लगाना मुश्किल था।'

किसानों को नुकसान और मुआवज़ा

बाढ़ से 3,000 से अधिक किसानों की लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। कैबिनेट जल्द ही मुआवज़े पर निर्णय ले सकती है। घर छोड़ने पर मजबूर परिवारों को तत्काल राहत के रूप में ₹10,000 दिए जाएँगे। अंतिम संस्कार के खर्च के लिए भी ₹10,000 मंजूर किए गए हैं। मृतकों के परिजनों को कुल ₹8 लाख की सहायता मिलेगी — जिसमें एसडीआरएफ से ₹4 लाख, सीएमडीआरएफ से ₹2 लाख और पीएमआरएफ से ₹2 लाख शामिल हैं।

अफवाहों पर कड़ी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने केरल के बाँधों के ओवरफ्लो होने की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, 'आपदा के समय गलत सूचनाओं के ज़रिए घबराहट फैलाना गैर-जिम्मेदाराना है। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।' तटीय कटाव वाले क्षेत्रों पर भी निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

हेलीकॉप्टर और लंच विवाद पर सफाई

अपने बीमार ससुर से मिलने के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर के उपयोग पर उठे सवालों के जवाब में सतीशन ने पूर्ववर्ती एलडीएफ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'मैंने पिनाराई विजयन की तरह राजनीतिक बैठकों में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं किया। यह हेलीकॉप्टर एक अनुबंध के तहत है जिसके लिए सरकार 25 उड़ान घंटों के लिए ₹80 लाख का मासिक रिटेनर देती है। मेरी यात्रा से सरकारी खजाने पर एक रुपए का भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।'

लंच विवाद पर उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस के एक दिवंगत नेता के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने गए थे और वहाँ उन्हें दोपहर के भोजन का अनुरोध किया गया था। उन्होंने पूछा, 'क्या 2018 और 2019 की बाढ़ के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री उपवास पर थे?' मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि संकट के दौरान हर तीन घंटे में मीडिया को अपडेट जारी किए जा रहे थे और राजस्व मंत्री ने दिनभर कई प्रेस ब्रीफिंग कीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब केरल में मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन और राजनीतिक जवाबदेही दोनों पर सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक विस्थापितों के बीच — राजनीतिक रूप से समझ में आता है, लेकिन यह सवाल खुला छोड़ता है कि 350 मिमी बारिश को 'अप्रत्याशित' कहना जवाबदेही से बचने का तरीका तो नहीं। हेलीकॉप्टर विवाद पर पिनाराई विजयन का नाम लेकर पलटवार करना विपक्ष की आलोचना को कमज़ोर करने की चतुर रणनीति है, पर इससे यह सवाल नहीं टलता कि आपदा के दौरान मुख्यमंत्री की उपलब्धता और संचार कितना प्रभावी था। 2018 की भीषण बाढ़ के बाद केरल ने आपदा प्रबंधन में सुधार का वादा किया था — इस बार की घटना उन सुधारों की असली परीक्षा है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं और कितने लोग प्रभावित हैं?
3 अगस्त तक केरल बाढ़ में 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 लोग अभी भी लापता हैं। राज्यभर में 316 राहत शिविरों में 11,018 लोगों को आश्रय दिया गया है।
केरल बाढ़ पीड़ितों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
मृतकों के परिजनों को कुल ₹8 लाख की सहायता दी जाएगी — एसडीआरएफ से ₹4 लाख, सीएमडीआरएफ से ₹2 लाख और पीएमआरएफ से ₹2 लाख। घर छोड़ने पर मजबूर परिवारों को ₹10,000 तत्काल राहत और अंतिम संस्कार के लिए भी ₹10,000 मिलेंगे।
CM सतीशन के हेलीकॉप्टर विवाद का पूरा मामला क्या है?
बाढ़ के दौरान CM सतीशन ने अपने बीमार ससुर से मिलने के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर का उपयोग किया, जिसपर विपक्ष ने सवाल उठाए। सतीशन ने सफाई दी कि हेलीकॉप्टर 25 उड़ान घंटों के लिए ₹80 लाख मासिक रिटेनर के अनुबंध पर है और उनकी यात्रा से सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं पड़ा।
क्या केरल के बाँध ओवरफ्लो हो रहे हैं?
CM सतीशन ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और अफवाह बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
केरल में बाढ़ से किसानों को कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ से 3,000 से अधिक किसानों की लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। कैबिनेट जल्द ही मुआवज़े पर निर्णय ले सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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