13 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल में फिर भारी बारिश का खतरा: IMD का येलो अलर्ट, 23 मौतों के बाद राज्य फिर सतर्क

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल में फिर भारी बारिश का खतरा: IMD का येलो अलर्ट, 23 मौतों के बाद राज्य फिर सतर्क

सारांश

23 मौतें, तीन लापता मछुआरे, 9,000 हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद — और अब IMD का फिर भारी बारिश का अलर्ट। केरल एक ऐसे दूसरे मौसमी झटके के मुहाने पर खड़ा है जब पहले का जख्म अभी भरा भी नहीं है।

मुख्य बातें

IMD ने 12 अगस्त 2026 को केरल में आने वाले दिनों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की।
हालिया बाढ़ में 23 लोगों की मौत और 3 मछुआरे लापता ; तलाश अभी जारी है।
9,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलें नष्ट, आर्थिक नुकसान का आकलन जारी।
कन्नूर, कासरगोड (गुरुवार) और पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की (शुक्रवार) के लिए येलो अलर्ट।
नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 'कल्लाक्कडल' के कारण 1 से 1.6 मीटर ऊँची लहरों की चेतावनी दी।
मछुआरों और तटीय निवासियों को समुद्र में न जाने और बीच गतिविधियाँ स्थगित रखने का निर्देश।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त 2026 को चेतावनी दी है कि केरल में आने वाले दिनों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है — और यह तब आया है जब राज्य हाल की बाढ़ में 23 लोगों की मौत और तीन मछुआरों के लापता होने के सदमे से अभी उबरा भी नहीं है। नुकसान का आकलन अभी जारी है और 9,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

मौसम प्रणाली की स्थिति

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के निकट एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके आने वाले दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर भी एक अलग कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से केरल, विशेषकर पहाड़ी ज़िलों में, व्यापक वर्षा की आशंका जताई जा रही है।

येलो अलर्ट और प्रभावित ज़िले

IMD ने गुरुवार को कन्नूर और कासरगोड ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की के लिए भी येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, 'भारी बारिश' का अर्थ है 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच वर्षा। बुधवार शाम जारी इस चेतावनी ने उन इलाकों में चिंता और बढ़ा दी है जहाँ नदियाँ और जलाशय पहले से उफान पर थे।

तटीय खतरा: 'कल्लाक्कडल' की चेतावनी

नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 'कल्लाक्कडल' घटना — यानी समुद्र का पानी तट पर चढ़ आने — के कारण केरल के कई तटीय हिस्सों में ऊँची लहरों की चेतावनी दी है। 13 अगस्त को सुबह 2:30 बजे IST तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर तटों पर 1 से 1.6 मीटर ऊँची लहरें उठने का अनुमान है। मछुआरों को छोटी नावें समुद्र में न ले जाने और तेज लहरों के दौरान जहाजों को किनारे लाने से बचने की सलाह दी गई है। चेतावनी वापस लिए जाने तक समुद्र तट पर्यटन और तटीय गतिविधियाँ भी स्थगित रखने का निर्देश है।

प्रशासन और राहत की स्थिति

अधिकारियों से भूस्खलन की आशंका वाले और निचले इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने की अपेक्षा है। हजारों लोग अभी भी जलमग्न घरों, क्षतिग्रस्त सड़कों और बर्बाद आजीविका से जूझ रहे हैं। पिछली आपदा में लापता हुए तीन मछुआरों की तलाश अभी जारी है।

आगे क्या होगा

गुरुवार से बारिश के और इलाकों में फैलने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में बाढ़-राहत और पुनर्वास का काम अभी शुरुआती चरण में है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अगले 48-72 घंटे सबसे चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी राज्य की आपदा-तैयारी और पूर्व-चेतावनी तंत्र की सीमाएँ हर बार उजागर होती हैं। 9,000 हेक्टेयर फसल नुकसान और 23 मौतें महज़ आँकड़े नहीं — ये उस खेतिहर और तटीय समुदाय की तबाही हैं जिनके पास दोबारा उठ खड़े होने के साधन सीमित हैं। 'कल्लाक्कडल' जैसी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति और बंगाल की खाड़ी में लगातार बनते कम दबाव क्षेत्र यह संकेत देते हैं कि यह संकट मौसमी नहीं, संरचनात्मक है। येलो अलर्ट और सलाहें ज़रूरी हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य के पास उन हज़ारों परिवारों के लिए दीर्घकालिक पुनर्वास और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढाँचे की कोई ठोस योजना है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में फिर से भारी बारिश कब आने की संभावना है?
IMD के अनुसार गुरुवार, 13 अगस्त से बारिश के और इलाकों में फैलने की संभावना है। पहाड़ी ज़िलों में पहले और मैदानी इलाकों में बाद में बारिश का अनुमान है।
केरल में किन ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है?
IMD ने गुरुवार को कन्नूर और कासरगोड के लिए, तथा शुक्रवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। येलो अलर्ट का अर्थ है 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच वर्षा की संभावना।
'कल्लाक्कडल' क्या है और इससे केरल को क्या खतरा है?
'कल्लाक्कडल' एक तटीय घटना है जिसमें समुद्र की ऊँची लहरें बिना तूफान के भी जमीन पर चढ़ आती हैं। नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 13 अगस्त को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर तटों पर 1 से 1.6 मीटर ऊँची लहरों की चेतावनी दी है।
केरल की हालिया बाढ़ में कितना नुकसान हुआ है?
हालिया बाढ़ में 23 लोगों की मौत हुई और तीन मछुआरे अभी भी लापता हैं। इसके अलावा 9,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलें बर्बाद हो गई हैं और हज़ारों लोग जलमग्न घरों व क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे से जूझ रहे हैं।
मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए क्या निर्देश जारी किए गए हैं?
अधिकारियों ने मछुआरों को छोटी नावें समुद्र में न ले जाने की सलाह दी है। तेज लहरों के दौरान जहाजों को किनारे लाना भी खतरनाक बताया गया है और चेतावनी वापस लिए जाने तक समुद्र तट पर्यटन एवं तटीय गतिविधियाँ स्थगित रखने का निर्देश है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले