केरल में फिर भारी बारिश का खतरा: IMD का येलो अलर्ट, 23 मौतों के बाद राज्य फिर सतर्क
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अगस्त 2026 को चेतावनी दी है कि केरल में आने वाले दिनों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है — और यह तब आया है जब राज्य हाल की बाढ़ में 23 लोगों की मौत और तीन मछुआरों के लापता होने के सदमे से अभी उबरा भी नहीं है। नुकसान का आकलन अभी जारी है और 9,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।
मौसम प्रणाली की स्थिति
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के निकट एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके आने वाले दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर भी एक अलग कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से केरल, विशेषकर पहाड़ी ज़िलों में, व्यापक वर्षा की आशंका जताई जा रही है।
येलो अलर्ट और प्रभावित ज़िले
IMD ने गुरुवार को कन्नूर और कासरगोड ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को पथानामथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की के लिए भी येलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग के अनुसार, 'भारी बारिश' का अर्थ है 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी के बीच वर्षा। बुधवार शाम जारी इस चेतावनी ने उन इलाकों में चिंता और बढ़ा दी है जहाँ नदियाँ और जलाशय पहले से उफान पर थे।
तटीय खतरा: 'कल्लाक्कडल' की चेतावनी
नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च ने 'कल्लाक्कडल' घटना — यानी समुद्र का पानी तट पर चढ़ आने — के कारण केरल के कई तटीय हिस्सों में ऊँची लहरों की चेतावनी दी है। 13 अगस्त को सुबह 2:30 बजे IST तक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर तटों पर 1 से 1.6 मीटर ऊँची लहरें उठने का अनुमान है। मछुआरों को छोटी नावें समुद्र में न ले जाने और तेज लहरों के दौरान जहाजों को किनारे लाने से बचने की सलाह दी गई है। चेतावनी वापस लिए जाने तक समुद्र तट पर्यटन और तटीय गतिविधियाँ भी स्थगित रखने का निर्देश है।
प्रशासन और राहत की स्थिति
अधिकारियों से भूस्खलन की आशंका वाले और निचले इलाकों पर कड़ी निगरानी रखने की अपेक्षा है। हजारों लोग अभी भी जलमग्न घरों, क्षतिग्रस्त सड़कों और बर्बाद आजीविका से जूझ रहे हैं। पिछली आपदा में लापता हुए तीन मछुआरों की तलाश अभी जारी है।
आगे क्या होगा
गुरुवार से बारिश के और इलाकों में फैलने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में बाढ़-राहत और पुनर्वास का काम अभी शुरुआती चरण में है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अगले 48-72 घंटे सबसे चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।