13 जुलाई 2026
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केरल में मानसून की दस्तक करीब, IMD का रविवार तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

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केरल में मानसून की दस्तक करीब, IMD का रविवार तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

सारांश

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक अब बस कुछ दिनों की दूरी पर है। IMD के अनुसार रविवार तक राज्यभर में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। अरब सागर पर मज़बूत होती पश्चिमी हवाएँ मानसून के आगमन की पुष्टि कर रही हैं।

मुख्य बातें

IMD ने रविवार तक केरल में भारी बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे तेज हवाओं का अनुमान जताया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले कुछ दिनों में केरल में पहुँचने की संभावना; अरब सागर पर पश्चिमी हवाएँ मज़बूत।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी; पाँच दिवसीय पूर्वानुमान में कोई ज़िला-स्तरीय अलर्ट नहीं।
पहाड़ी, तटीय क्षेत्रों और भूस्खलन-प्रभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश।
मछुआरों को केरल तट पर खराब मौसम के मद्देनज़र समुद्र में जाने से पहले सरकारी दिशा-निर्देश मानने को कहा गया।
केरल सरकार ने नालों की सफाई और सभी ज़िलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय किए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 मई 2025 को जानकारी दी कि केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले कुछ दिनों में दस्तक दे सकता है, और रविवार तक राज्यभर में बारिश की गतिविधियाँ काफी तेज होने की संभावना है। विभाग ने गरज-चमक, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

मानसून के आगमन के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में अरब सागर के ऊपर पश्चिमी हवाएँ मज़बूत होती दिख रही हैं, जिसे मानसून के निकट आने का प्रमुख संकेत माना जाता है। केरल में मानसून को स्थानीय मलयालम भाषा में 'एडवप्पाथी' कहा जाता है। अगले कुछ दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहने और राज्य के सभी ज़िलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है।

चेतावनी और सावधानियाँ

मौसम विभाग के अधिकारियों ने आगाह किया है कि अचानक बादल बनने और तेज बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में नुकसान हो सकता है। हालाँकि IMD के आधिकारिक पाँच दिवसीय पूर्वानुमान में किसी ज़िले के लिए अलग से अलर्ट जारी नहीं किया गया है, फिर भी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

प्रशासन ने कहा है कि बिजली चमकने के शुरुआती संकेत मिलते ही लोग सुरक्षित इमारतों में चले जाएँ और तेज हवा व तूफान के दौरान पेड़ों या खुले स्थानों के नीचे न खड़े हों। बिजली कड़कने के दौरान घरों में बिजली के उपकरण बंद रखने और दरवाज़े-खिड़कियाँ बंद रखने की भी सलाह दी गई है।

पहाड़ी, तटीय और मछुआरा समुदाय पर असर

ज़िला प्रशासन ने पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि मानसून के औपचारिक आगमन के बाद बारिश और तेज हो सकती है। भूस्खलन और कटाव-प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को रात में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मछुआरों को केरल तट पर खराब मौसम और ऊँची लहरों की आशंका के मद्देनज़र समुद्र में जाने से पहले सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

सरकार की तैयारियाँ

केरल सरकार ने मानसून-पूर्व तैयारियाँ तेज कर दी हैं। इसके तहत राज्यभर में नालों की सफाई का काम पूरा किया जा रहा है और सभी ज़िलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में केरल में मानसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिससे आपदा प्रबंधन की तैयारी और भी अहम हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और IMD का यह पूर्वानुमान मौसमी चक्र की सामान्य कड़ी है — लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वायनाड जैसी त्रासदियों के बाद 'सतर्कता' की परिभाषा बदल गई है। गौरतलब है कि किसी ज़िले के लिए औपचारिक अलर्ट न होने के बावजूद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का सक्रिय होना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब पूर्व-चेतावनी पर अधिक निर्भर है। असली परीक्षा यह है कि 24 घंटे के कंट्रोल रूम और नाला-सफाई अभियान ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी हैं — क्योंकि केरल में मानसून की तीव्रता हाल के वर्षों में अनिश्चित और अप्रत्याशित होती जा रही है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में मानसून कब आएगा?
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले कुछ दिनों में केरल पहुँचने की संभावना है। अरब सागर पर मज़बूत होती पश्चिमी हवाएँ इसके आगमन का प्रमुख संकेत मानी जा रही हैं।
IMD ने केरल में कितनी तेज हवाओं की चेतावनी दी है?
IMD ने रविवार तक केरल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने का अनुमान जताया है। इसके साथ गरज-चमक और भारी बारिश भी संभावित है।
केरल में मानसून से पहले किन इलाकों में सबसे ज़्यादा खतरा है?
पहाड़ी, तटीय और भूस्खलन-प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रात में अनावश्यक यात्रा से बचने और बिजली कड़कने पर सुरक्षित इमारतों में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
केरल के मछुआरों के लिए क्या सलाह है?
मछुआरों को केरल तट पर खराब मौसम और ऊँची लहरों की आशंका के कारण समुद्र में जाने से पहले सरकारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
केरल सरकार ने मानसून की क्या तैयारियाँ की हैं?
केरल सरकार ने राज्यभर में नालों की सफाई कराई है और सभी ज़िलों में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।
राष्ट्र प्रेस
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