IMD का मानसून पूर्वानुमान: केरल समेत अधिकांश भारत में सामान्य से कम बारिश, जून में कमज़ोर रहेगी वर्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 30 मई 2026 को चेतावनी दी है कि इस वर्ष केरल सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान है। तिरुवनंतपुरम स्थित IMD की निदेशक नीथा के. गोपाल ने बताया कि जून माह में केरल में भी वर्षा का स्तर औसत से नीचे रह सकता है।
मानसून का ताज़ा पूर्वानुमान
IMD निदेशक नीथा के. गोपाल के अनुसार, मानसून की शुरुआत के बाद 10 जून के आसपास केरल में अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद वर्षा गतिविधियाँ फिर कमज़ोर पड़ने की संभावना है। इस कारण पूरे जून माह का कुल वर्षा स्तर सामान्य से नीचे रहने की आशंका है। यह पूर्वानुमान कृषि क्षेत्र और जल संसाधन प्रबंधन के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण है।
राजस्थान और हरियाणा में तूफ़ान और ओलावृष्टि
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में शनिवार को तेज धूल भरी आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, गजसिंहपुर और बिंजबायला समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण टिन की छतें उड़ गईं। सीकर में लगातार दूसरे दिन मौसम अस्थिर रहा और हल्की बूंदाबांदी से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।
हरियाणा के हांसी और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई, जबकि भिवानी में भी मौसम बदलने के साथ वर्षा शुरू हुई। चंडीगढ़ में हुई बारिश ने झुलसाने वाली गर्मी से राहत दिलाई।
मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में गंभीर स्थिति
मध्य प्रदेश के श्योपुर में अचानक आए तेज तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक नुकसान पहुँचाया। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। उत्तराखंड के नैनीताल में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते मौसम की स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
दिल्ली और पंजाब में अचानक बदला मौसम
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। शहर के कई इलाकों में काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। पंजाब के पटियाला में भी काले बादल छाए रहे।
आगे क्या उम्मीद करें
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार मानसून की कमज़ोर शुरुआत और जून में सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए राज्य सरकारों से जल संरक्षण उपाय तेज़ करने की अपेक्षा की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून कमज़ोर रहा, तो खरीफ फसलों की बुआई पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।