अल नीनो के कारण 2026 में सामान्य से कम मानसून: IMD निदेशक, NCR में 4 जून तक राहत
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की निदेशक नीता के. गोपाल ने 30 मई 2026 को स्पष्ट किया कि केरल सहित देश के अधिकांश हिस्सों में इस वर्ष मानसून सामान्य से कम रहेगा। उन्होंने इसका प्रमुख कारण अल नीनो के प्रभाव को बताया, जो वर्षा के स्थानिक और सामयिक वितरण दोनों को प्रभावित करता है। इसी बीच, दिल्ली-NCR में शनिवार शाम गरज-तूफान के साथ हुई बारिश ने भीषण गर्मी से अस्थायी राहत दी है।
मानसून पूर्वानुमान: क्या कहते हैं आंकड़े
IMD निदेशक गोपाल के अनुसार, जून 2026 में भी केरल में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि लगभग 10 जून को मानसून के आगमन के बाद कुछ दिन अच्छी बारिश हो सकती है, लेकिन उसके बाद वर्षा में कमी आने की आशंका है, जिससे पूरे महीने की कुल बारिश सामान्य से नीचे रह सकती है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अल नीनो वर्ष में कभी-कभी किसी राज्य में एक सप्ताह या महीने के किसी खास दौर में अच्छी बारिश देखी जा सकती है, लेकिन इसके बाद सूखे की अवधि भी आती है। उनके शब्दों में, यह इस घटना की एक अनोखी विशेषता है।
दिल्ली-NCR में मौसम बदला, 4 जून तक राहत की उम्मीद
मौसम अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई हिस्सों में गरज और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे पिछले कई दिनों से चली आ रही भीषण गर्मी और उमस में उल्लेखनीय राहत मिली।
IMD के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, NCR में 4 जून 2026 तक मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा और अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
राजस्थान में रेतीले तूफान और ओले
राजस्थान के कई जिलों में भी मौसम ने करवट ली। चूरू, हनुमानगढ़, श्री गंगानगर, बीकानेर, नागौर, दीदवाना-कुचामन, अलवर और सीकर में रेतीले तूफान आए। जयपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ ग्रामीण इलाकों में ओले गिरने की भी खबरें मिलीं।
अल नीनो का असर: क्या होगा आगे
गौरतलब है कि अल नीनो के वर्षों में भारत में मानसून की कमी एक स्थापित पैटर्न रही है। IMD का यह पूर्वानुमान कृषि, जल संसाधन प्रबंधन और बिजली उत्पादन — तीनों क्षेत्रों के लिए नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। आने वाले हफ्तों में मानसून की प्रगति पर IMD के अपडेट निर्णायक होंगे।