15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दक्षिण भारत में मानसून कमजोर, 17 जुलाई के बाद केरल-कर्नाटक में बारिश बढ़ने की संभावना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दक्षिण भारत में मानसून कमजोर, 17 जुलाई के बाद केरल-कर्नाटक में बारिश बढ़ने की संभावना

सारांश

दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में मानसून की रफ्तार थम गई है — सोमाली जेट की कमजोरी और अल नीनो जैसी परिस्थितियों ने अरब सागर से नमी का प्रवाह घटाया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लू की चेतावनी है, लेकिन 17 जुलाई के बाद आईएमडी मॉडल राहत के संकेत दे रहे हैं।

मुख्य बातें

दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 जुलाई 2026 को दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में कमजोर, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सामान्य से कम वर्षा।
'सोमाली जेट' (लो-लेवल जेट) के कमजोर होने और अल नीनो जैसी परिस्थितियों को मानसून की सुस्ती का मुख्य कारण बताया गया है।
आरएमसी, चेन्नई ने तमिलनाडु के आंतरिक जिलों, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए लू (हीट वेव) की चेतावनी जारी की।
आईएमडी जीएफएस मॉडल के अनुसार 17 जुलाई के बाद लो-लेवल जेट मजबूत होने और बारिश बढ़ने की संभावना।
17 जुलाई के बाद तापमान में गिरावट और लू की स्थिति धीरे-धीरे समाप्त होने का अनुमान।

दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून 14 जुलाई 2026 को कमजोर बना हुआ है, जिससे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), चेन्नई के अनुसार, 17 जुलाई के बाद मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे सुधार आने और बारिश बढ़ने की संभावना है।

मानसून क्यों पड़ा कमजोर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस कमजोरी का मुख्य कारण भूमध्य रेखा को पार करने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का शिथिल पड़ना है। इसके चलते पश्चिमी अरब सागर के ऊपर बनने वाला 'लो-लेवल जेट' (जिसे 'सोमाली जेट' भी कहते हैं) सामान्य से कमजोर बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त, प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो जैसी परिस्थितियाँ भी मानसून की चाल को प्रभावित कर रही हैं। इन दोनों कारणों से अरब सागर से आने वाली नमी में उल्लेखनीय कमी आई है।

मौसमी असर: गर्मी और लू की चेतावनी

मानसून के कमजोर परिसंचरण और वायुमंडल में नीचे की ओर हवा के प्रवाह (सब्सिडेंस) के कारण बादलों का निर्माण घट गया है। अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ रहने से सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुँच रही हैं, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

इसी स्थिति को देखते हुए आरएमसी, चेन्नई ने तमिलनाडु के आंतरिक जिलों, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों के लिए लू (हीट वेव) की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों को अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है।

17 जुलाई के बाद राहत के संकेत

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के जीएफएस (12 किलोमीटर) मॉडल के विश्लेषण के अनुसार, 17 जुलाई के आसपास 'लो-लेवल जेट' के धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इससे अरब सागर से नमी का प्रवाह बढ़ेगा और दक्षिण-पश्चिम मानसून पुनः सक्रिय होने लगेगा।

आईएमडी का अनुमान है कि 17 जुलाई के बाद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियाँ तेज होंगी। बादल छाने और बारिश बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और लू की स्थिति धीरे-धीरे समाप्त होने लगेगी।

आम जनता पर असर

कमजोर मानसून का सबसे अधिक असर किसानों और खेतिहर मजदूरों पर पड़ रहा है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह अवधि निर्णायक होती है। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की माँग बढ़ी है और पेयजल आपूर्ति पर दबाव पड़ रहा है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत पहले से ही सामान्य से अधिक तापमान झेल रहा है। 17 जुलाई के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद के साथ, मौसम विभाग की निगरानी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी चर्चा मुख्यधारा की मौसम कवरेज में अक्सर नदारद रहती है। 17 जुलाई की तारीख आईएमडी के मॉडल पर आधारित है, जो अतीत में कई बार बदली है — इसलिए यह राहत की गारंटी नहीं, बल्कि एक अनुमान है। दक्षिणी राज्यों की सरकारों को लू प्रबंधन के साथ-साथ जल संरक्षण और फसल बीमा की तैयारी पर अभी से ध्यान देना होगा।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण भारत में मानसून क्यों कमजोर पड़ा है?
भूमध्य रेखा पार करने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के शिथिल पड़ने से 'सोमाली जेट' (लो-लेवल जेट) कमजोर हो गया है, जिससे अरब सागर से नमी का प्रवाह घट गया है। इसके साथ ही प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियाँ भी मानसून की गति को प्रभावित कर रही हैं।
17 जुलाई के बाद बारिश क्यों बढ़ेगी?
आईएमडी के जीएफएस (12 किलोमीटर) मॉडल के विश्लेषण के अनुसार 17 जुलाई के आसपास लो-लेवल जेट के धीरे-धीरे मजबूत होने की संभावना है। इससे अरब सागर से नमी का प्रवाह बढ़ेगा और दक्षिण-पश्चिम मानसून पुनः सक्रिय होगा, जिससे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में वर्षा तेज होगी।
किन राज्यों में लू की चेतावनी जारी की गई है?
आरएमसी, चेन्नई ने तमिलनाडु के आंतरिक जिलों, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों के लिए लू (हीट वेव) की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में लोगों को अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी गई है।
मानसून की कमजोरी का किसानों पर क्या असर होगा?
खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जुलाई का महीना निर्णायक होता है और सामान्य से कम वर्षा से बुवाई में देरी हो सकती है। इससे धान, दलहन और तिलहन की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
अल नीनो का भारतीय मानसून पर क्या प्रभाव होता है?
अल नीनो की परिस्थितियाँ आमतौर पर भारतीय मानसून को कमजोर करती हैं, क्योंकि ये प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान को बढ़ाकर वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रभावित करती हैं। इससे भारत में मानसूनी हवाओं की गति और नमी का प्रवाह दोनों घट सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 4 महीने पहले