तमिलनाडु में भारी बारिश से गर्मी से राहत, 26 मई तक केरल में मानसून दस्तक की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में 18 मई 2025 को कई जिलों में हुई भारी बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रही जनता को बड़ी राहत दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के दक्षिणी क्षेत्र में सक्रिय वायुमंडलीय परिसंचरण तंत्र मौसम के मिज़ाज को प्रभावित कर रहे हैं, और अगले कुछ दिनों में राज्यव्यापी वर्षा जारी रहने का अनुमान है। इसी बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल में प्रवेश करने की संभावना जताई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
मौसम अधिकारियों के अनुसार, एक वायुमंडलीय परिसंचरण कन्याकुमारी के तटीय क्षेत्र और उसके आसपास बना हुआ है, जबकि दूसरा परिसंचरण उत्तर-पूर्वी तमिलनाडु और निकटवर्ती इलाकों में सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से रविवार को अनेक जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई।
शिवागंगा और आसपास के इलाकों में एक घंटे से अधिक समय तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। होसुर और कृष्णागिरी जिले में मध्यम वर्षा दर्ज की गई। डिंडीगुल जिले के पलानी और कोडाइकनाल में लगभग दो घंटे तक बारिश होने से कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।
थेनी जिले के पेरियाकुलम और आसपास के क्षेत्रों में आधे घंटे से अधिक समय तक मध्यम बारिश हुई। मदुरै और पुदुकोट्टई के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ लगातार वर्षा दर्ज की गई, जबकि नागापट्टिनम जिले में निचले इलाकों में पानी जमा हो गया।
IMD का अलर्ट और आगे का पूर्वानुमान
IMD ने सोमवार के लिए नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, थेनी, डिंडीगुल, मदुरै और शिवागंगा जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, पुदुकोट्टई, करूर, तिरुची, इरोड, सेलम, नामक्कल, धर्मपुरी और कृष्णागिरी जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है।
मंगलवार को कोयंबटूर और तिरुप्पुर के पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ नीलगिरी, थेनी, डिंडीगुल और मदुरै जिलों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। चेन्नई में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम वर्षा हो सकती है।
मानसून का इंतज़ार
यह ऐसे समय में आया है जब पूरा दक्षिण भारत दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रतीक्षा में है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून 26 मई के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है, जिसके बाद इसके क्रमशः तमिलनाडु और शेष दक्षिण भारत में आगे बढ़ने की संभावना है। गौरतलब है कि मानसून का समय पर आगमन किसान समुदाय और जल संसाधन प्रबंधन दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
आम जनता पर असर
बारिश ने जहाँ एक ओर तापमान में उल्लेखनीय गिरावट लाकर लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर डिंडीगुल और नागापट्टिनम जैसे जिलों में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले दिनों में और अधिक जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की ज़रूरत है।