पश्चिम बंगाल कैबिनेट की दूसरी बैठक आज: डीए बकाया भुगतान और कॉलेज एडमिशन में पारदर्शिता पर फैसला संभव

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पश्चिम बंगाल कैबिनेट की दूसरी बैठक आज: डीए बकाया भुगतान और कॉलेज एडमिशन में पारदर्शिता पर फैसला संभव

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक आज — डीए बकाए का सुप्रीम कोर्ट-निर्देशित 25% एकमुश्त भुगतान और कॉलेजों में राजनीतिक दखल खत्म करने की मेरिट नीति पर फैसला अपेक्षित। दोनों मुद्दे लाखों कर्मचारियों और छात्रों से जुड़े हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में 18 मई 2026 को पश्चिम बंगाल कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजित होगी।
2008 से 2019 के बीच जमा डीए बकाए का 25 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान — सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन पर निर्णय संभव।
सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में स्नातक एडमिशन को मेरिट आधारित और पारदर्शी बनाने की नीति पर चर्चा।
कैबिनेट बैठक के बाद BSF अधिकारियों के साथ बांग्लादेश सीमा पर कांटेदार बाड़ की प्रगति की समीक्षा।
माध्यमिक ( 8 मई ) और उच्च माध्यमिक ( 14 मई ) परीक्षाओं के टॉपर्स के साथ CBSE व ISC टॉपर्स को भी किया जाएगा सम्मानित।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पश्चिम बंगाल की नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक 18 मई 2026, सोमवार दोपहर को कोलकाता में आयोजित होनी है। इस बैठक में वित्त और शिक्षा — दो ऐसे क्षेत्र जो राज्य में लंबे समय से विवाद का केंद्र रहे हैं — पर निर्णायक चर्चा अपेक्षित है।

डीए बकाया: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अमल की घड़ी

वित्त एजेंडे का सबसे संवेदनशील मुद्दा राज्य सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) है। सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को 31 मार्च 2026 तक 2008 से 2019 के बीच जमा हुए डीए बकाए का 25 प्रतिशत एकमुश्त चुकाने का निर्देश दिया था। राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, पिछली ममता बनर्जी सरकार इस भुगतान से बचती रही, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चुनाव-पूर्व 'संकल्प पत्र' में कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समकक्ष डीए देने का वादा किया था।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट इस एकमुश्त भुगतान की रूपरेखा पर जल्द निर्णय ले सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य कर्मचारी संगठन वर्षों से इस बकाए के लिए आंदोलन करते रहे हैं।

कॉलेज-विश्वविद्यालय एडमिशन में मेरिट आधारित पारदर्शिता

शिक्षा के मोर्चे पर, राज्य सचिवालय के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर (अंडरग्रेजुएट) के प्रवेश को पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी बनाने की नीति पर विचार करेगी। कथित तौर पर इस नीति का उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों के प्रभाव को एडमिशन प्रक्रिया से बाहर करना है — एक ऐसी समस्या जो पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा संस्थानों में वर्षों से चर्चा में रही है।

बीएसएफ के साथ सीमा सुरक्षा पर अहम बैठक

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री अधिकारी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अलग बैठक करेंगे। इसमें बांग्लादेश से लगती बिना बाड़ वाली सीमाओं पर कांटेदार बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा होगी। सीमा सुरक्षा राज्य की नई सरकार की प्राथमिकताओं में से एक रही है।

मेधावी छात्रों का सम्मान समारोह

दिन के कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल बोर्ड की माध्यमिक (8 मई को घोषित परिणाम) और उच्च माध्यमिक (14 मई को घोषित परिणाम) परीक्षाओं के टॉपर्स को सम्मानित करेंगे। उल्लेखनीय है कि अधिकारी ने उच्च माध्यमिक परीक्षा के टॉपर अदृत पाल से पहले ही वीडियो कॉल के ज़रिए बातचीत की थी और सम्मान समारोह का आश्वासन दिया था। CBSE और ISC परीक्षाओं के राज्य टॉपर्स को भी इस समारोह में शामिल किया जाएगा।

आगे क्या

आज की बैठक के निर्णय राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर सीधा असर डालेंगे। डीए भुगतान की समयसीमा और कॉलेज एडमिशन नीति की अधिसूचना पर सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पिछली सरकार ने मार्च 2026 की समयसीमा को टाल दिया। नई सरकार के लिए यह पहली बड़ी कसौटी है कि वह 'संकल्प पत्र' के वादे को अमल में बदल सकती है या नहीं। कॉलेज एडमिशन में राजनीतिक छात्र संगठनों का दखल बंगाल की उच्च शिक्षा की पुरानी बीमारी रही है; नीति की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन क्रियान्वयन तंत्र और निगरानी ढाँचे के बिना यह कागज़ी सुधार बनकर रह सकती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल कैबिनेट की आज की बैठक में मुख्य एजेंडा क्या है?
18 मई 2026 को होने वाली इस बैठक में मुख्य रूप से दो विषय हैं — राज्य कर्मचारियों के डीए बकाए का 25 प्रतिशत एकमुश्त भुगतान और सरकारी कॉलेजों में मेरिट आधारित पारदर्शी एडमिशन नीति। इसके अलावा BSF के साथ सीमा सुरक्षा पर भी चर्चा होगी।
पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों का डीए बकाया विवाद क्या है?
सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को 2008 से 2019 के बीच जमा डीए बकाए का 25 प्रतिशत 31 मार्च 2026 तक एकमुश्त चुकाने का निर्देश दिया था। पिछली ममता बनर्जी सरकार इस भुगतान से बचती रही; नई BJP सरकार ने चुनाव घोषणापत्र में इसे पूरा करने का वादा किया था।
कॉलेज एडमिशन में पारदर्शिता की नई नीति से क्या बदलेगा?
प्रस्तावित नीति के अनुसार सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों-विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा। इसका उद्देश्य राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों के एडमिशन प्रक्रिया पर प्रभाव को समाप्त करना है।
BSF के साथ बैठक में क्या चर्चा होगी?
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री अधिकारी BSF के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे और बांग्लादेश से लगती बिना बाड़ वाली सीमाओं पर कांटेदार बाड़ लगाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
आज किन छात्रों को सम्मानित किया जाएगा?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल बोर्ड की माध्यमिक (परिणाम 8 मई) और उच्च माध्यमिक (परिणाम 14 मई) परीक्षाओं के टॉपर्स को सम्मानित करेंगे। CBSE और ISC परीक्षाओं के राज्य टॉपर्स को भी इस समारोह में शामिल किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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