रियान पराग की चेतावनी: लगातार तीसरी हार के बाद बोले — 'ऐसे खेले तो टॉप-4 से बाहर हो जाएंगे'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने 18 मई 2026 को आईपीएल 2026 के 62वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के हाथों 5 विकेट से मिली हार के बाद साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि टीम का प्रदर्शन इसी स्तर पर रहा, तो प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होना तय है। यह राजस्थान की लगातार तीसरी हार थी, जिसने टीम की टॉप-4 में जगह को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैच का निर्णायक मोड़
बल्लेबाजी में राजस्थान रॉयल्स ने 14 ओवर के बाद 160/2 का मजबूत स्कोर बना लिया था, लेकिन 15वें ओवर में मिचेल स्टार्क ने तीन अहम विकेट झटके — जिसमें कप्तान रियान पराग का विकेट भी शामिल रहा। इसके बाद अंतिम सात ओवरों में टीम केवल 41 रन जोड़ सकी और 6 विकेट गँवाए। पराग के अनुसार, 'यह स्कोर 220-230 होना चाहिए था।'
फील्डिंग और गेंदबाजी में चूक
यशराज पुंजा ने केएल राहुल का महत्वपूर्ण कैच उस वक्त छोड़ा जब राहुल खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके अलावा वैभव सूर्यवंशी और स्वयं रियान पराग ने भी फील्डिंग में कई गलतियाँ कीं। गेंदबाजी के मोर्चे पर भी टीम अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी।
फरेरा को गेंद देने का विवादास्पद फैसला
मैच के 18वें ओवर में, जब दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए अंतिम 3 ओवरों में 35 रन चाहिए थे, कप्तान पराग ने अनुभवी दासुन शनाका और एडम मिल्ने के बजाय डोनोवन फरेरा को गेंद सौंपी। क्रीज पर अक्षर पटेल सेट थे और डेविड मिलर नए आए थे। अक्षर-मिलर की जोड़ी ने उस ओवर में 16 रन कूटे और मैच का पलड़ा दिल्ली की तरफ झुक गया।
इस फैसले पर पराग ने सफाई देते हुए कहा, 'यह कोई जुआ नहीं था। मुझे पता है कि टीवी पर यह एक जुआ जैसा दिखता है, लेकिन क्रीज पर दो बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। मैं शनाका से एक और ओवर करवाने की बजाय डोनोवन से गेंदबाजी करवाना और एक मौका लेना पसंद करूंगा।'
कप्तान की बेबाक स्वीकारोक्ति
हार के बाद पराग ने बिना लाग-लपेट के कहा, 'मुझे लगता है कि अगर हम ट्रॉफी जीतना चाहते हैं, अगर हम हर साल मुकाबला करना चाहते हैं, तो हमको इस मैच में किए गए प्रदर्शन से बेहतर खेल दिखाना होगा। बहुत निराश हूं। हम पिछले चार-पाँच मुकाबलों में जैसा खेले हैं, उससे कहीं बेहतर टीम हैं — लेकिन ब्रेक के बाद आज की एनर्जी, स्किल और एग्जीक्यूशन वैसी नहीं रही। अगर हम ऐसे ही खेलते रहे, तो हम टॉप-4 की रेस में नहीं होंगे।'
आगे क्या
लगातार तीन हारों के साथ राजस्थान रॉयल्स का प्लेऑफ अभियान दबाव में है। टीम को अपने शेष मैचों में बल्लेबाजी के अंतिम ओवरों, फील्डिंग की एकाग्रता और गेंदबाजी के संयोजन — तीनों मोर्चों पर सुधार करना होगा, अन्यथा टॉप-4 का सपना अधूरा रह सकता है।