बांग्लादेश: सोशल मीडिया पोस्ट पर हिंसा, बेटे को बचाने दौड़ी माँ सयादा बेगम की मौत
सारांश
मुख्य बातें
कॉक्स बाजार जिले के उखिया उपजिला, बांग्लादेश में शनिवार, 17 मई 2025 की शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई — 55 वर्षीया सयादा बेगम की मौत हो गई, जब वे अपने बेटे को कथित हमले से बचाने के लिए दौड़ी थीं। आरोप है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके छात्र संगठन छात्र दल के कार्यकर्ताओं ने यह हमला किया। घटना की जड़ एक सोशल मीडिया पोस्ट पर की गई प्रतिक्रिया बताई जा रही है।
घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले ताइपालोंग मदरसा की दीवार पर 'जय बंगला, जयतु शेख हसीना' के नारे लिखे गए थे। इस ग्रैफिटी को लेकर छात्र दल के कार्यकर्ता जिसान सिकदर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया।
रिपोर्टों के अनुसार, छात्र दल से जुड़े बताए जा रहे मोहम्मद यूनुस ने उस पोस्ट पर कथित तौर पर हँसते हुए प्रतिक्रिया दी। इसके बाद बीएनपी और छात्र दल के कथित कार्यकर्ताओं ने यूनुस पर हमला कर दिया।
माँ की जान गई, बेटा बोला — 'हम राजनीति से नहीं जुड़े'
यूनुस पर हमले की खबर सुनकर उनका दोस्त एसएम इमरान बचाने पहुँचा, लेकिन भीड़ ने इमरान को भी नहीं छोड़ा। परिवार के अनुसार, इमरान पर हमले की सूचना मिलते ही माँ सयादा बेगम वहाँ पहुँचीं। भीड़ ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। उन्हें तत्काल उखिया उपजिला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इमरान ने 'द डेली स्टार' को बताया, 'मेरी माँ मुझे बचाने के लिए दौड़ी थीं। उन्होंने मेरी माँ का गला पकड़कर उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।' उन्होंने आगे कहा, 'हम राजनीति से जुड़े लोग नहीं हैं। मैं अपनी माँ के लिए न्याय चाहता हूँ।'
आरोपी कौन — इमरान ने लगाए गंभीर आरोप
इमरान ने स्थानीय वार्ड बीएनपी अध्यक्ष अब्दुर रहीम, उनके बेटे आकाश, बीएनपी नेता मिजान सिकदर और उनके बेटे जिसान सिकदर सहित एक दर्जन से अधिक लोगों पर बिना किसी उकसावे के हमला करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उखिया पुलिस में पहले ही बीएनपी की ओर से अवामी लीग और उसके छात्र संगठन छात्र लीग के कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।
सजीब वाजेद की तीखी प्रतिक्रिया
इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इसे किसी भी सभ्य समाज के लिए 'शर्मनाक' करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वाजेद ने लिखा, 'यह एक ऐसा नारा है जो बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर अब ये शब्द किसी की जान के लिए खतरा बन सकते हैं, तो यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह राज्य में राजनीतिक सहिष्णुता के भयावह पतन का प्रतीक है।'
वाजेद ने ठोस कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, 'सरकार की जिम्मेदारी केवल बयान जारी करना नहीं है। उसे निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करनी चाहिए, राजनीतिक संबद्धता की परवाह किए बिना दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। अन्यथा हर नई मौत केवल एक और आँकड़ा बनकर रह जाएगी।'
आगे क्या होगा
फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब बांग्लादेश में बीएनपी और अवामी लीग समर्थकों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। सयादा बेगम की मौत ने देश में राजनीतिक हिंसा और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।