क्या बांग्लादेश में बीएनपी नेता का घर जलाने से 7 साल की बच्ची की मौत हुई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बांग्लादेश में बीएनपी नेता का घर जलाने से 7 साल की बच्ची की मौत हुई?

सारांश

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बीएनपी नेता के घर में आगजनी की घटना ने एक 7 साल की बच्ची की जान ले ली। यह घटना लक्ष्मीपुर सदर उपजिला में हुई, जहां परिवार के तीन अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। क्या यह घटना राजनीतिक हिंसा का संकेत है?

मुख्य बातें

बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति का प्रभाव नागरिकों पर पड़ रहा है।
घटना में एक बच्ची की जान गई, जो इस प्रकार की हिंसा की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है।
परिवार के सदस्यों की स्थिति गंभीर है।
आगजनी की घटना ने समाज को झकझोर दिया है।

ढाका, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक दुखद घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। उपद्रवियों ने शनिवार तड़के बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक नेता के घर में आग लगा दी, जिससे 7 साल की एक बच्ची की जलकर मौत हो गई, जबकि परिवार के 3 सदस्यों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यह घटना लक्ष्मीपुर सदर उपजिला के भबानीगंज यूनियन के पश्चिम चार मानसा गाँव में घटी। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा शनिवार की सुबह करीब 1 बजे हुआ। पीड़ित बीएनपी के नेता और जाने-माने व्यवसायी बेलाल हुसैन हैं।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, हुसैन भबानीगंज यूनियन बीएनपी के सहायक संगठन सचिव हैं। उपद्रवियों ने घर के दोनों दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घर में सो रही 7 साल की बच्ची आयेशा अख्तर की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी दो बड़ी बहनें, सलमा अख्तर (16 वर्ष) और सामिया अख्तर (14 वर्ष), 50-60 प्रतिशत जल गईं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेलाल हुसैन को भी स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बेटियों को बेहतर चिकित्सा उपचार के लिए ढाका भेजा गया है।

बेलाल की मां हाजेरा बेगम ने बताया कि उन्होंने खिड़की से उपद्रवियों को देखा, जो घर को घेरकर आग लगा रहे थे।

डेली स्टार ने हाजेरा बेगम के हवाले से बताया, "मैं रात को खाने के बाद सो गई थी। रात करीब 1:00 बजे, मैं उठी और खिड़की से देखा कि मेरे बेटे के टिन-शेड वाले घर में आग लगी हुई है। मैं चिल्लाते हुए बाहर भागी, लेकिन घर के दोनों दरवाजे बंद थे। मैं अंदर नहीं जा पाई। अंत में, मेरा बेटा दरवाजा तोड़कर बाहर निकलने में सफल रहा। उसकी पत्नी, नजमा भी अपने चार महीने के बच्चे, अबीर हुसैन और छह साल के बेटे, हबीब के साथ बाहर निकलने में सफल रही।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरी पोतियां, सलमा, सामिया और आयशा, एक कमरे में सो रही थीं। उनमें से दो को गंभीर रूप से जलने के बाद बचाया गया, लेकिन सबसे छोटी, आयशा, अंदर ही जलकर मर गई। बेलाल भी बुरी तरह जल गया था।"

घटना की पुष्टि करते हुए, लक्ष्मीपुर सदर मॉडल थाना के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) मोहम्मद वाहिद परवेज ने बताया कि आगजनी की घटना में बिलाल की सात साल की बेटी आयशा अख्तर की जलकर मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि बीएनपी नेता और उनकी दो अन्य बेटियां, 16 साल की सलमा अख्तर और 14 साल की सामिया अख्तर, गंभीर रूप से जल गई हैं। बेलाल का इलाज लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि उनकी बेटियों को बेहतर इलाज के लिए ढाका भेज दिया गया है।

वाहिद ने कहा, "हम जांच कर रहे हैं कि यह काम किसने किया और इसके पीछे क्या मकसद था।"

लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल के रेजिडेंशियल मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) अरूप पाल ने कहा, "दो किशोरवय लड़कियों और उनके पिता को सुबह करीब 2:00 बजे झुलसने के बाद आपातकालीन विभाग में लाया गया। बेलाल हुसैन को यहां भर्ती किया गया, लेकिन दोनों लड़कियों को ढाका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में रेफर कर दिया गया, क्योंकि उनकी हालत गंभीर है। उनके शरीर का लगभग 50-60 प्रतिशत हिस्सा जल गया है।"

यह घटना बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हिंसा में खतरनाक बढ़ोतरी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के बीच हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल परिवार का नहीं, बल्कि समाज का भी नुकसान है। हमें इस प्रकार की हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी होगी और एक सुरक्षित वातावरण के लिए प्रयास करना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में क्या हुआ?
उपद्रवियों ने बीएनपी नेता के घर में आग लगा दी, जिससे 7 साल की बच्ची की मौत हो गई और परिवार के 3 सदस्य गंभीर रूप से जल गए।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कौन है।
बच्ची के परिवार की स्थिति क्या है?
बच्ची का परिवार गंभीर स्थिति में है, जिसमें उसकी दो बहनें और पिता शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस