योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: लखनऊ-आगरा मेट्रो, OBC आयोग और ₹2,799 करोड़ की बिजली परियोजना को मंजूरी

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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: लखनऊ-आगरा मेट्रो, OBC आयोग और ₹2,799 करोड़ की बिजली परियोजना को मंजूरी

सारांश

योगी कैबिनेट की एक बैठक में उत्तर प्रदेश को एकसाथ कई बड़ी सौगातें मिलीं — ₹5,801 करोड़ की लखनऊ मेट्रो, ₹2,799 करोड़ का मिर्जापुर बिजली उपकेंद्र, ₹855 करोड़ का RML अस्पताल विस्तार और OBC आयोग का गठन। यह बैठक 2025 की सबसे बड़ी बहु-क्षेत्रीय कैबिनेट स्वीकृतियों में से एक मानी जा रही है।

मुख्य बातें

लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम मेट्रो गलियारे के लिए ₹5,801 करोड़ की परियोजना को MoU सहित मंजूरी।
मिर्जापुर में 765/400 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए ₹2,799.47 करोड़ की स्वीकृति; पूर्वांचल की बिजली आपूर्ति होगी सुदृढ़।
राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट में 1,100 शैय्याओं वाले आपात चिकित्सा केंद्र के लिए ₹855 करोड़ की मंजूरी।
पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण के लिए पाँच सदस्यीय पिछड़ा वर्ग आयोग गठित; अध्यक्ष सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश होंगे।
मिर्जापुर के समसपुर गाँव में 'सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय' स्थापना का आशय पत्र जारी।
आगरा मेट्रो के दूसरे गलियारे के लिए भूमि हस्तांतरण और पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि को भी मंजूरी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 18 मई 2025 को हुई मंत्रिमंडल बैठक में बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, ऊर्जा, नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को एकसाथ स्वीकृति दी गई। लखनऊ से आगरा तक मेट्रो विस्तार, मिर्जापुर में विद्युत उपकेंद्र और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन जैसे निर्णय इस बैठक के केंद्र में रहे।

ऊर्जा क्षेत्र: मिर्जापुर में ₹2,799 करोड़ का विद्युत उपकेंद्र

कैबिनेट ने मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को स्वीकृति दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2,799.47 करोड़ है। सरकार के अनुसार, इससे पूर्वांचल में बिजली की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और रोज़गार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। गौरतलब है कि पूर्वांचल लंबे समय से बिजली आपूर्ति की अनियमितता की समस्या से जूझता रहा है।

स्वास्थ्य सेवाएँ: RML में ₹855 करोड़ का अत्याधुनिक अस्पताल परिसर

बैठक में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1,100 शैय्याओं वाले आपात चिकित्सा केंद्र, शिक्षण भवन और बाह्य रोगी विभाग (OPD) भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की लागत लगभग ₹855 करोड़ है।

सरकार का कहना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विस्तार अनिवार्य हो गया था। इससे प्रयागराज मंडल सहित राजधानी के आसपास के कई जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण व्यवस्था भी मज़बूत होगी।

मेट्रो विस्तार: लखनऊ और आगरा दोनों शहरों को मिली सौगात

आगरा में मेट्रो के दूसरे गलियारे के लिए स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। वहीं लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5,801 करोड़ बताई गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के महानगरों में यातायात का दबाव तेज़ी से बढ़ रहा है और मेट्रो कनेक्टिविटी को शहरी नियोजन की प्राथमिकता माना जा रहा है।

OBC आयोग और उच्च शिक्षा: पंचायत आरक्षण और नया विश्वविद्यालय

त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण को वैज्ञानिक आधार देने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दी गई। पाँच सदस्यीय इस आयोग की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश करेंगे। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा।

उच्च शिक्षा के मोर्चे पर कैबिनेट ने मिर्जापुर जिले की चुनार तहसील के समसपुर गाँव में 'सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय' की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया, जिससे इस क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

आगे क्या होगा

इन निर्णयों के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। मेट्रो परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और MoU की औपचारिकताएँ आगामी महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। OBC आयोग के गठन के बाद पंचायत चुनावों में आरक्षण की प्रक्रिया को कानूनी रूप से ठोस आधार मिलेगा, जो सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों के अनुरूप है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक इच्छाशक्ति भी। लखनऊ मेट्रो के ₹5,801 करोड़ और मिर्जापुर बिजली परियोजना के ₹2,799 करोड़ — दोनों की घोषणाएँ पहले भी हो चुकी हैं; असली कसौटी यह होगी कि इस बार क्रियान्वयन की गति पिछले वर्षों से बेहतर रहती है या नहीं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी कैबिनेट ने 18 मई 2025 को कौन-कौन से बड़े फैसले लिए?
18 मई 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-आगरा मेट्रो विस्तार, मिर्जापुर में ₹2,799.47 करोड़ का विद्युत उपकेंद्र, RML अस्पताल में 1,100 शैय्याओं का विस्तार, OBC आयोग का गठन और मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई।
लखनऊ मेट्रो के नए गलियारे की लागत और रूट क्या है?
लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित पूर्व-पश्चिम मेट्रो गलियारे की अनुमानित लागत ₹5,801 करोड़ है। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच MoU को मंजूरी दी गई है।
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग क्या करेगा और इसमें कितने सदस्य होंगे?
'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' पंचायतों में OBC प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा। इसमें पाँच सदस्य होंगे और अध्यक्ष एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश होंगे।
RML अस्पताल विस्तार से किन जिलों को फायदा होगा?
डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ परिसर में ₹855 करोड़ की लागत से 1,100 शैय्याओं का आपात चिकित्सा केंद्र बनेगा। इससे लखनऊ के साथ-साथ प्रयागराज मंडल के कई जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी।
मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय कहाँ बनेगा?
यह विश्वविद्यालय मिर्जापुर जिले की चुनार तहसील के समसपुर गाँव में स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट ने इसके लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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