योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: लखनऊ-आगरा मेट्रो, OBC आयोग और ₹2,799 करोड़ की बिजली परियोजना को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 18 मई 2025 को हुई मंत्रिमंडल बैठक में बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, ऊर्जा, नगरीय परिवहन और पंचायत आरक्षण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को एकसाथ स्वीकृति दी गई। लखनऊ से आगरा तक मेट्रो विस्तार, मिर्जापुर में विद्युत उपकेंद्र और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन जैसे निर्णय इस बैठक के केंद्र में रहे।
ऊर्जा क्षेत्र: मिर्जापुर में ₹2,799 करोड़ का विद्युत उपकेंद्र
कैबिनेट ने मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता वाले विद्युत संकलन उपकेंद्र और उससे जुड़ी पारेषण लाइनों की स्थापना को स्वीकृति दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹2,799.47 करोड़ है। सरकार के अनुसार, इससे पूर्वांचल में बिजली की निकासी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और रोज़गार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। गौरतलब है कि पूर्वांचल लंबे समय से बिजली आपूर्ति की अनियमितता की समस्या से जूझता रहा है।
स्वास्थ्य सेवाएँ: RML में ₹855 करोड़ का अत्याधुनिक अस्पताल परिसर
बैठक में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1,100 शैय्याओं वाले आपात चिकित्सा केंद्र, शिक्षण भवन और बाह्य रोगी विभाग (OPD) भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की लागत लगभग ₹855 करोड़ है।
सरकार का कहना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विस्तार अनिवार्य हो गया था। इससे प्रयागराज मंडल सहित राजधानी के आसपास के कई जिलों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण व्यवस्था भी मज़बूत होगी।
मेट्रो विस्तार: लखनऊ और आगरा दोनों शहरों को मिली सौगात
आगरा में मेट्रो के दूसरे गलियारे के लिए स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। वहीं लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5,801 करोड़ बताई गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के महानगरों में यातायात का दबाव तेज़ी से बढ़ रहा है और मेट्रो कनेक्टिविटी को शहरी नियोजन की प्राथमिकता माना जा रहा है।
OBC आयोग और उच्च शिक्षा: पंचायत आरक्षण और नया विश्वविद्यालय
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों के आरक्षण को वैज्ञानिक आधार देने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन को मंजूरी दी गई। पाँच सदस्यीय इस आयोग की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश करेंगे। आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा।
उच्च शिक्षा के मोर्चे पर कैबिनेट ने मिर्जापुर जिले की चुनार तहसील के समसपुर गाँव में 'सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय' की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के प्रशिक्षण भत्ते में वृद्धि का निर्णय भी लिया गया, जिससे इस क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।
आगे क्या होगा
इन निर्णयों के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। मेट्रो परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और MoU की औपचारिकताएँ आगामी महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। OBC आयोग के गठन के बाद पंचायत चुनावों में आरक्षण की प्रक्रिया को कानूनी रूप से ठोस आधार मिलेगा, जो सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों के अनुरूप है।