सेंसेक्स 851 अंक टूटा, 74,422 पर खुला; ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की तेजी से बाजार लाल
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स सोमवार, 18 मई को कारोबार की शुरुआत में ही 851 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,422 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी 50 246 अंक यानी 1.04 प्रतिशत लुढ़ककर 23,392 पर कारोबार कर रहा था। कमजोर वैश्विक संकेतों, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की तेज उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि ने निवेशकों की धारणा को एक साथ कमजोर किया।
बाजार में चौतरफा बिकवाली
सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव था। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी रियल्टी सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी पीएसई, निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एनर्जी सहित लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में थे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246 अंक यानी 1.38 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,635 पर था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 690 अंक यानी 1.14 प्रतिशत गिरकर 59,876 पर आ गया।
गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और भारती एयरटेल हरे निशान में थे। वहीं पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एमएंडएम, एचयूएल, बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, एनटीपीसी और आईटीसी लूजर्स की सूची में रहे।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली हावी रही। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, हांगकांग और जकार्ता के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि सोल का बाजार हरे निशान में था। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स में 1.07 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का दबाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक और घरेलू बाजारों में बिकवाली की प्रमुख वजह ईरान-अमेरिका तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 1.79 प्रतिशत बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.17 प्रतिशत उछलकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया था। इसके अलावा अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड की ब्याज दर 4.63 प्रतिशत पर पहुँचना भी वैश्विक बाजारों में बिकवाली की एक अहम वजह बताई जा रही है।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधि
शुक्रवार के सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने ₹1,329.17 करोड़ की इक्विटी खरीदी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,958.82 करोड़ की इक्विटी में बिकवाली की। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितता के बीच घरेलू बाजार में संस्थागत प्रवाह की दिशा बाजार की चाल को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभा रही है।