सेंसेक्स 114 अंक फिसलकर 77,844 पर बंद, अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव

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सेंसेक्स 114 अंक फिसलकर 77,844 पर बंद, अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव

सारांश

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद लगभग सपाट बंद हुआ — सेंसेक्स 114 अंक गिरा, पर मिडकैप और स्मॉलकैप ने बेहतर प्रदर्शन किया। अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद, कच्चे तेल में गिरावट और रुपये की मजबूती ने निवेशकों की धारणा को संभाले रखा।

मुख्य बातें

बीएसई सेंसेक्स 7 मई को 114 अंक (0.15%) गिरकर 77,844.52 पर बंद हुआ; निफ्टी50 4.30 अंक गिरकर 24,326.65 पर।
निफ्टी मिडकैप 100 में 1.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.87% की बढ़त — प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन।
बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹473 लाख करोड़ से बढ़कर ₹475 लाख करोड़ हुआ; निवेशकों को एक दिन में ₹2 लाख करोड़ का फायदा।
ब्रेंट क्रूड 2.32% गिरकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल पर; रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 94.24 पर।
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,400–24,500 मजबूत रेजिस्टेंस और 24,100–24,000 अहम सपोर्ट जोन।

बीएसई सेंसेक्स गुरुवार, 7 मई को 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,844.52 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 मात्र 4.30 अंक गिरकर 24,326.65 पर आ गया। अमेरिका-ईरान सीजफायर की उम्मीदों के बीच दिन भर के तीखे उतार-चढ़ाव के बाद दोनों प्रमुख सूचकांक अपने पिछले बंद भाव के करीब ही समाप्त हुए।

दिन का कारोबारी घटनाक्रम

सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स 78,339.24 पर खुला और दिन के दौरान 78,384.70 का इंट्रा-डे हाई और 77,713.21 का लो छुआ। वहीं निफ्टी 24,398.50 पर खुलकर 24,482.10 का हाई और 24,284 का लो बनाया। दोनों सूचकांक सत्र की शुरुआत में तेजी के साथ चढ़े, लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में फिसल गए।

व्यापक बाजार और सेक्टर प्रदर्शन

व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की तेजी रही।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक का प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके विपरीत निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

प्रमुख शेयरों का हाल

निफ्टी 50 पैक में एचडीएफसी लाइफ, बजाज ऑटो, एमएंडएम, ग्रासिम, एनटीपीसी, अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, कोटक बैंक और ओएनजीसी के शेयर 1 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर एचयूएल, टीसीएस, टाइटन, टेक महिंद्रा, आईटीसी, सन फार्मा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

गुरुवार के सत्र में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के ₹473 लाख करोड़ से बढ़कर ₹475 लाख करोड़ हो गया, यानी निवेशकों ने एक ही दिन में करीब ₹2 लाख करोड़ की संपत्ति अर्जित की।

तकनीकी विश्लेषण और आगे की दिशा

विशेषज्ञों के अनुसार, 24,400–24,500 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर लगातार टिकने में सफल रहता है, तो इंडेक्स 24,600 या उससे ऊपर जा सकता है। नीचे की ओर 24,100–24,000 का दायरा अहम सपोर्ट जोन माना जा रहा है।

वैश्विक संकेत और रुपये की चाल

वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई — ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.32 प्रतिशत गिरकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया करीब 15 पैसे मजबूत होकर 94.24 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावनाओं पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि बाजार की दिशा अब घरेलू आर्थिक संकेतकों से कम और भू-राजनीतिक घटनाक्रम से अधिक तय हो रही है। अमेरिका-ईरान वार्ता पर बाजार की इतनी निर्भरता यह दर्शाती है कि घरेलू निवेशकों का आत्मविश्वास अभी भी बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील है। मिडकैप और स्मॉलकैप की बढ़त एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन आईटी और एफएमसीजी जैसे रक्षात्मक सेक्टरों में कमजोरी बताती है कि संस्थागत निवेशक अभी भी सतर्क हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले सत्रों में बाजार का सबसे बड़ा जोखिम कारक बनी रहेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 मई को सेंसेक्स कितना गिरा और क्यों?
7 मई को बीएसई सेंसेक्स 114 अंक (0.15%) गिरकर 77,844.52 पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान सीजफायर वार्ता को लेकर अनिश्चितता और आईटी व एफएमसीजी सेक्टर में बिकवाली के दबाव से यह गिरावट आई।
आज निफ्टी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,400–24,500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100–24,000 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है। इन स्तरों पर बाजार की प्रतिक्रिया आगे की दिशा तय करेगी।
आज मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
व्यापक बाजार ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.87% की बढ़त के साथ बंद हुए।
अमेरिका-ईरान वार्ता का भारतीय बाजार पर क्या असर है?
अमेरिका-ईरान सीजफायर की उम्मीदों ने निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा को मजबूत किया है, जिससे रुपया 15 पैसे मजबूत हुआ और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति आगे बाजार की दिशा तय करेगी।
आज बीएसई का कुल मार्केट कैप कितना बढ़ा?
गुरुवार के सत्र में बीएसई सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹473 लाख करोड़ से बढ़कर ₹475 लाख करोड़ हो गया, यानी निवेशकों ने एक दिन में करीब ₹2 लाख करोड़ की संपत्ति अर्जित की।
राष्ट्र प्रेस
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