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सेंसेक्स 76,080 पर खुला, 213 अंक की बढ़त; अमेरिका-ईरान सीजफायर से वैश्विक बाजारों में तेजी

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सेंसेक्स 76,080 पर खुला, 213 अंक की बढ़त; अमेरिका-ईरान सीजफायर से वैश्विक बाजारों में तेजी

सारांश

वैश्विक संकेत मजबूत, अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन के सीजफायर MoU की खबर — और भारतीय बाजार ने हरे निशान में छलांग लगाई। सेंसेक्स 76,080 पर, निफ्टी आईटी अगुवाई में; लेकिन ट्रंप की मंजूरी अभी बाकी है।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 29 मई को 213 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 76,080 पर खुला।
NSE निफ्टी 50 44 अंक (0.20%) की तेजी के साथ 23,951 पर था।
निफ्टी आईटी टॉप गेनर; इन्फोसिस, TCS, HCL टेक, टेक महिंद्रा बढ़त में।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर MoU पर सहमत; राष्ट्रपति ट्रंप की अंतिम मंजूरी बाकी।
WTI क्रूड 1.17% गिरकर $87.88 और ब्रेंट क्रूड 0.85% गिरकर $91.94 प्रति बैरल पर।
निफ्टी मिडकैप 100 62,578 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 18,345 पर, मिलाजुला कारोबार।

BSE सेंसेक्स शुक्रवार, 29 मई को शुरुआती कारोबार में 213 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,080 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 44 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,951 पर था। मजबूत वैश्विक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सीजफायर समझौते की खबरों ने निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाया।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह 9:24 बजे IST तक के आँकड़ों के अनुसार, निफ्टी आईटी इंडेक्स टॉप गेनर रहा और बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी ओर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी पीएसई और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लाल निशान में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला रुख देखने को मिला — निफ्टी मिडकैप 100 18 अंक की बढ़त के साथ 62,578 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 50 अंक की तेजी के साथ 18,345 पर था।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, ट्रेंट, एचसीएल टेक, टीसीएस, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, SBI, HUL और टाइटन बढ़त में थे। वहीं, भारती एयरटेल, ITC, इंडिगो, HDFC बैंक, इटरनल, कोटक महिंद्रा, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व गिरावट में रहे।

वैश्विक बाजारों का संकेत

एशियाई बाजारों में व्यापक तेजी देखी गई। टोक्यो, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में थे, जबकि शंघाई में हल्की गिरावट रही। गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और नैस्डैक 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

अमेरिका-ईरान सीजफायर: बाजार को मिली राहत

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान 60 दिन के सीजफायर के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमत हो गए हैं, हालाँकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी बताई जा रही है। इस संभावित समझौते का उद्देश्य सीजफायर को आगे बढ़ाने के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू करना और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर चर्चा करना है।

यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजारों में अनिश्चितता बनाए हुए था। इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई — WTI क्रूड 1.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ $87.88 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.85 प्रतिशत की गिरावट के साथ $91.94 प्रति बैरल पर था।

आगे क्या

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए वार्ता की प्रगति कच्चे तेल की कीमतों और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। ट्रंप की अंतिम स्वीकृति और वार्ता के अगले दौर पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह फिलहाल 'कथित' समझौते पर टिकी है — ट्रंप की अंतिम मंजूरी के बिना यह उत्साह अस्थायी साबित हो सकता है। होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी अनिश्चितता का सीधा असर भारत की तेल आयात लागत पर पड़ता है, इसलिए यह केवल भू-राजनीतिक खबर नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम मोड़ है। निफ्टी आईटी की अगुवाई सकारात्मक है, लेकिन HDFC बैंक और भारती एयरटेल जैसे दिग्गजों का लाल निशान में रहना बताता है कि तेजी अभी व्यापक नहीं है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

29 मई को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
29 मई को सुबह 9:24 बजे BSE सेंसेक्स 213 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 76,080 पर और NSE निफ्टी 50 44 अंक (0.20%) की तेजी के साथ 23,951 पर खुला।
भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी की वजह क्या है?
मजबूत वैश्विक संकेत और अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन के सीजफायर MoU पर सहमति की रिपोर्टें मुख्य कारण हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई और एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई।
अमेरिका-ईरान सीजफायर का भारतीय बाजार पर क्या असर है?
रिपोर्टों के अनुसार दोनों देश 60 दिन के सीजफायर MoU पर सहमत हुए हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद बढ़ी है। इससे कच्चे तेल में गिरावट आई और भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह सकारात्मक संकेत है।
आज कौन से सेक्टर इंडेक्स बढ़त में और कौन से गिरावट में थे?
निफ्टी आईटी, पीएसयू बैंक, रियल्टी, फार्मा, मीडिया, हेल्थकेयर, प्राइवेट बैंक, सर्विसेज, एनर्जी और कमोडिटी हरे निशान में थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, इन्फ्रा, पीएसई और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लाल निशान में रहे।
कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
अमेरिका-ईरान सीजफायर की खबर के बाद WTI क्रूड 1.17% गिरकर $87.88 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.85% गिरकर $91.94 प्रति बैरल पर आ गया।
राष्ट्र प्रेस
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