सेंसेक्स 414 अंक उछला, 75,732 पर खुला; डिफेंस शेयरों की अगुवाई में बाजार हरे निशान में
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 21 मई को 414 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,732 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 171 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,830 पर खुला। मजबूत वैश्विक संकेतों और अमेरिकी बाजारों में आई तेजी ने भारतीय शेयर बाजार को सकारात्मक शुरुआत दी।
डिफेंस शेयरों की अगुवाई, सभी सेक्टर हरे में
शुरुआती कारोबार में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स शीर्ष बढ़त वाला सूचकांक रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी कंजम्पशन और निफ्टी प्राइवेट बैंक सहित लगभग सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
व्यापक बाजार में भी उत्साह रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 438 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,761 पर था, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 162 अंक यानी 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,033 पर पहुँचा।
सेंसेक्स पैक में प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स के घटकों में इंडिगो, बीईएल, एशियन पेंट्स, इटरनल, एलएंडटी, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, एमएंडएम, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और टाइटन हरे निशान में थे। दूसरी ओर, इन्फोसिस, ट्रेंट, टीसीएस और सन फार्मा लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में खुले, हालाँकि जकार्ता का बाजार लाल निशान में था। अमेरिकी बाजारों में बुधवार के सत्र में उल्लेखनीय तेजी रही — डाओ जोन्स 1.31 प्रतिशत और नैस्डैक 1.54 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब बाजार वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने निवेशकों को राहत दी, जिसमें उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान के जवाब के लिए कुछ और दिन प्रतीक्षा करेगा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर में नरमी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया।
एफआईआई की बिकवाली, डीआईआई का सहारा
संस्थागत निवेश के मोर्चे पर मिला-जुला रुझान रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने इस दौरान ₹1,597.35 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,968.35 करोड़ की इक्विटी खरीद कर बाजार को नीचे जाने से रोका। गौरतलब है कि DII की यह खरीदारी FII की बिकवाली से अधिक रही, जो बाजार में घरेलू निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है।
आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेत अनुकूल रहने और भू-राजनीतिक तनाव में और कमी आने पर बाजार की तेजी बरकरार रह सकती है। हालाँकि, FII की निरंतर बिकवाली और आईटी शेयरों पर दबाव निकट भविष्य में बाजार की चाल को सीमित कर सकता है।