सेंसेक्स 293 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,641 पर; अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद से बाजार में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 1 जून को शुरुआती कारोबार में 293.10 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,076.56 पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी 50 99.65 अंक या 0.42 प्रतिशत उछलकर 23,641.75 पर कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान व्यापार वार्ता के संभावित नतीजों पर टिकी रही।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह 9:19 बजे IST तक के आँकड़ों के अनुसार, व्यापक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखा गया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया में तेजी रही, जबकि निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी हेल्थकेयर में कमजोरी दर्ज की गई।
निफ्टी 50 के शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो सबसे ज्यादा बढ़त में रहे।
कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों के निचले स्तरों से उबरते हुए कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड फिलहाल लगभग $89–90 प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। यह स्तर महीने की शुरुआत के उच्च स्तरों से नीचे है, लेकिन हालिया बढ़त यह संकेत देती है कि बाजार अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम नतीजों को लेकर सतर्क बना हुआ है। यदि वार्ता में कोई बाधा आती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर पड़ने की आशंका निवेशकों को चिंतित कर रही है।
एफआईआई की बिकवाली और घरेलू निवेशकों का सहारा
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी बनी रहेगी। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो उभरते बाजारों के प्रति उनकी सतर्कता को दर्शाता है। विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना भारतीय बाजारों की तेजी पर अंकुश लगाने वाला प्रमुख कारण बना हुआ है। हालाँकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है, विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार के बिना बड़ी तेजी की संभावना सीमित दिखाई देती है।
तकनीकी विश्लेषण: प्रतिरोध और सपोर्ट स्तर
तकनीकी दृष्टिकोण से निफ्टी 50 अभी भी दबाव में है। ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली और मजबूत खरीदारी की कमी इंडेक्स को सीमित दायरे में बनाए हुए है। फिलहाल 23,750–23,800 का स्तर तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, जबकि 24,000–24,100 का दायरा महत्वपूर्ण बाधा के रूप में देखा जा रहा है। यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर टिकने में सफल रहा तो इंडेक्स 24,200–24,400 तक पहुँच सकता है।
दूसरी ओर, 23,500 पर निकटतम सपोर्ट है, जबकि 23,300–23,000 का स्तर मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। यदि निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों के नीचे फिसलता है तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।
आगे क्या देखें
अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े घटनाक्रम, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे। जब तक वैश्विक स्तर पर स्पष्टता नहीं आती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।