सेंसेक्स 720 अंक उछला, 76,135 पर खुला; अमेरिका-ईरान तनाव घटने से बाजार में तेजी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार सोमवार, 25 मई को मजबूत शुरुआत के साथ खुला, जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता में प्रगति के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 720 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,135 पर पहुँचा, जबकि एनएसई निफ्टी 50 247 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,967 पर था। कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने भी बाजार की धारणा को और मजबूत किया।
मुख्य घटनाक्रम
शुरुआती कारोबारी सत्र में ऑटो शेयर तेजी की अगुवाई कर रहे थे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी पीएसई — सभी हरे निशान में थे। केवल निफ्टी आईटी लाल निशान में रहा, जो वैश्विक टेक क्षेत्र पर दबाव को दर्शाता है।
व्यापक बाजार में भी उत्साह दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,149 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 433 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,847 पर था।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, एसबीआई, एचयूएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, आईटीसी, टाइटन और अदाणी पोर्ट्स बढ़त में रहे। वहीं, टीसीएस, इन्फोसिस, सन फार्मा और एनटीपीसी गिरावट में थे।
अमेरिका-ईरान वार्ता का असर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत जारी है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को खोले रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा का प्रस्ताव शामिल है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि ईरान के साथ अमेरिकी बातचीत अंतिम दौर में है। यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार हफ्तों से अस्थिर था।
इन संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज हुई। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 5.45 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 97.90 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 91.12 डॉलर प्रति बैरल पर था। तेल आयातक देश भारत के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊँची कीमतें महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बनाती हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रुख
एशिया के अधिकांश बाजार भी तेजी के साथ खुले। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता लाल निशान में रहा। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ। गौरतलब है कि वैश्विक संकेतों का भारतीय बाजार पर तत्काल असर पड़ता है, और इस बार भू-राजनीतिक जोखिम घटने की उम्मीद ने एक साथ कई सेक्टर को सहारा दिया। आगे निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम नतीजे और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा पर बनी रहेगी।