अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच सेंसेक्स 68 अंक फिसला, मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी जारी

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अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच सेंसेक्स 68 अंक फिसला, मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी जारी

सारांश

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की अनिश्चितता के बीच सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी ने व्यापक बाज़ार को सहारा दिया। FII की ₹5,834 करोड़ की बिकवाली के बावजूद DII ने ₹6,836 करोड़ लगाकर बाज़ार को संभाला।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 7 मई को 68 अंक गिरकर 77,889 और NSE निफ्टी 24 अंक टूटकर 24,303 पर खुला।
निफ्टी मिडकैप 100 202 अंक ( 0.33% ) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 97 अंक ( 0.53% ) की बढ़त में रहे।
FII ने बुधवार को ₹5,834.90 करोड़ की बिकवाली की; DII ने ₹6,836.87 करोड़ का निवेश किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता चाहता है; ISNA के अनुसार तेहरान अपनी प्रतिक्रिया देगा।
डाओ जोन्स 1.24% और नैस्डैक 2.02% की बढ़त के साथ बुधवार को बंद हुए।

BSE सेंसेक्स गुरुवार, 7 मई को शुरुआती कारोबार में 68 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,889 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 24 अंक यानी 0.11 प्रतिशत टूटकर 24,303 पर था। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम व युद्धविराम को लेकर जारी कूटनीतिक बातचीत ने बड़े सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा, हालाँकि व्यापक बाज़ार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी दर्ज की गई।

मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी

सुबह 9:21 बजे IST पर निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 202 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,563 पर था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 97 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,657 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बड़े सूचकांकों में सतर्कता के बावजूद खुदरा और संस्थागत निवेशक मझोले और छोटे शेयरों में दाँव लगा रहे हैं।

सेक्टोरल प्रदर्शन: गेनर और लूज़र

शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल बाज़ार का नेतृत्व कर रहे थे। इसके अलावा निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी इंडिया डिफेंस हरे निशान में थे। वहीं, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसई, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी सर्विसेज लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

सेंसेक्स के शेयरों में एमएंडएम, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक हरे निशान में रहे। दूसरी ओर, टीसीएस, HUL, सन फार्मा, पावर ग्रिड, HDFC बैंक, टाइटन, BEL, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, HCL टेक और ITC लुढ़के हुए थे।

अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने की माँग कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के हवाले से कहा कि तेहरान अपनी प्रतिक्रिया देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान एक समझौता चाहता है। यह वार्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बाज़ार की अनिश्चितता बढ़ा रही है।

एशियाई बाज़ार और वैश्विक संकेत

अधिकांश एशियाई बाज़ारों में तेजी देखी गई। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी बाज़ार बुधवार को मज़बूती के साथ बंद हुए, जिसमें डाओ जोन्स 1.24 प्रतिशत और नैस्डैक 2.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। वैश्विक सकारात्मक संकेतों के बावजूद भारतीय बाज़ार में सतर्कता बनी रही, जो अमेरिका-ईरान वार्ता की अनिश्चितता को दर्शाती है।

FII और DII की गतिविधि

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को इक्विटी में ₹5,834.90 करोड़ की बिकवाली की, जो लगातार जारी बिकवाली के रुझान को दर्शाता है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹6,836.87 करोड़ का इक्विटी में निवेश किया, जिससे बाज़ार को नीचे जाने से रोका गया। DII की मज़बूत खरीदारी ने बड़े सूचकांकों में गिरावट को सीमित रखा। आने वाले सत्रों में अमेरिका-ईरान वार्ता के नतीजे और FII के रुख पर बाज़ार की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

विदेशी निवेशक पहले भारत जैसे उभरते बाज़ारों से पैसा निकालते हैं। अमेरिका-ईरान वार्ता का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है, जो भारत के आयात बिल और महँगाई दोनों को प्रभावित करता है। मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी घरेलू खुदरा निवेशकों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है, लेकिन यह सतर्कता की माँग भी करती है क्योंकि ये सेगमेंट वैश्विक झटकों में अधिक संवेदनशील होते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 मई 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितने पर खुले?
7 मई 2026 को सेंसेक्स 68 अंक गिरकर 77,889 और निफ्टी 24 अंक टूटकर 24,303 पर खुला। दोनों सूचकांकों में अमेरिका-ईरान वार्ता की अनिश्चितता के कारण सतर्कता बनी रही।
आज मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी क्यों आई?
निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में क्रमशः 0.33% और 0.53% की बढ़त दर्ज हुई। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की मज़बूत खरीदारी और खुदरा निवेशकों की रुचि इसका प्रमुख कारण रही।
FII और DII ने बुधवार को कितना कारोबार किया?
बुधवार को FII ने इक्विटी में ₹5,834.90 करोड़ की बिकवाली की, जबकि DII ने ₹6,836.87 करोड़ का निवेश किया। DII की अधिक खरीदारी ने बाज़ार को बड़ी गिरावट से बचाया।
अमेरिका-ईरान वार्ता का भारतीय बाज़ार पर क्या असर है?
अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी वार्ता ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता बढ़ाई है। इससे भारतीय बाज़ार में बड़े सूचकांकों पर दबाव बना है, हालाँकि वार्ता सकारात्मक दिशा में जाने से राहत मिल सकती है।
आज कौन से सेक्टर हरे और लाल निशान में थे?
निफ्टी ऑटो, मेटल, हेल्थकेयर, एनर्जी, कमोडिटीज और इंडिया डिफेंस हरे निशान में थे। वहीं, एफएमसीजी, रियल्टी, प्राइवेट बैंक, पीएसई, पीएसयू बैंक और सर्विसेज सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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