सेंसेक्स 394 अंक उछला, 73,918 पर बंद; बैंकिंग स्टॉक्स ने दो सत्रों की गिरावट से दिलाई राहत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 9 जून को लगातार दो सत्रों की तीखी गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। बीएसई सेंसेक्स 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,918.76 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत चढ़कर 23,424.10 पर ठहरा। इस रिकवरी की अगुवाई बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने की।
बाजार का मुख्य घटनाक्रम
निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.09 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ, जो दिन का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सूचकांक रहा। इसके अलावा निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी सर्विसेज भी हरे निशान में रहे। हालाँकि निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया लाल निशान में बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी
तेजी केवल लार्जकैप तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 809.80 अंक यानी 1.35 प्रतिशत उछलकर 60,715.45 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 300.15 अंक यानी 1.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,063.60 पर रहा। यह संकेत देता है कि खरीदारी व्यापक आधार पर थी।
प्रमुख गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, मारुति सुजुकी, एचयूएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख गेनर्स रहे। दूसरी ओर टाइटन, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, इटरनल, इन्फोसिस, सन फार्मा, एचसीएल टेक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लूजर्स में रहे।
रिकवरी की वजह क्या रही
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार गिरावट के बाद घरेलू बाजारों में यह राहत मुख्यतः दो कारणों से आई — ईरान-इजरायल संघर्ष में युद्धविराम के संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी। ये दोनों कारक भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
निवेशकों का रुख और आगे की राह
हालाँकि बाजार में निवेशकों का रुख अभी भी मिला-जुला बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से लगातार बिकवाली और ऊँची बॉन्ड यील्ड दबाव बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आँकड़ों, फेडरल रिजर्व की नीति और वैश्विक तरलता की स्थिति पर टिकी रहेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।