सेंसेक्स 1,092 अंक धराशायी, निफ्टी 23,547 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव और बिकवाली से बाजार में हड़कंप
सारांश
मुख्य बातें
बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार, 29 मई को 1,092.06 अंक यानी 1.44 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,775.74 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 359.40 अंक यानी 1.50 प्रतिशत फिसलकर 23,547.75 पर आ गया। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सत्र के अंतिम घंटों में हुई तीखी बिकवाली ने बाजार को बड़ा झटका दिया।
कारोबार का पूरा घटनाक्रम
सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही — सेंसेक्स 75,988.51 पर खुला और इंट्रा-डे हाई 76,220.02 तक पहुँचा। लेकिन दिन ढलते-ढलते बिकवाली का ऐसा दौर आया कि सूचकांक 74,589.11 के निचले स्तर तक गिर गया। इसी तरह निफ्टी 50 ने 23,902.15 पर कारोबार शुरू किया, 24,002.80 का हाई बनाया, लेकिन गिरते-गिरते 23,484.75 तक पहुँच गया।
यह सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन की सबसे बड़ी गिरावट रही। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता की अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे अंतिम घंटे में भारी बिकवाली देखी गई।
निवेशकों को ₹6 लाख करोड़ का नुकसान
एक ही सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹6 लाख करोड़ की कमी आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के लगभग ₹471 लाख करोड़ से घटकर करीब ₹465 लाख करोड़ रह गया। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर कितना गहरा पड़ सकता है।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी ऑयल एंड गैस में 2.47 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस एक्स-बैंक में 2.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही।
एकमात्र राहत निफ्टी आईटी इंडेक्स से मिली, जो 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, विप्रो, नेस्ले इंडिया और एलएंडटी के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। दूसरी ओर, पावरग्रिड, इंडिगो, ओएनजीसी, मैक्सहेल्थ, आयशर मोटर और टाटा कंज्यूमर सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप में 1.33 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
कच्चे तेल और रुपये की स्थिति
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत से अधिक टूटकर 88 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि घरेलू बाजार में कच्चे तेल के वायदा भाव ₹8,400 प्रति बैरल से नीचे फिसल गए। पूरे महीने में तेल की कीमतों में 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जो भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम के तेजी से कम होने का संकेत है।
मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया मजबूत रहा और डॉलर के मुकाबले 84.20 के नीचे पहुँच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर की घटती माँग ने रुपये को सहारा दिया, जिससे भारत की महंगाई, आयात बिल और समग्र आर्थिक स्थिति को कुछ राहत मिली।
तकनीकी विश्लेषण और आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी 50 आज के सत्र में पूरे दिन कमज़ोर रहा और अंतिम घंटों में तेज बिकवाली ने 23,500 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को तोड़ दिया। यदि निफ्टी लगातार इस स्तर के नीचे बना रहता है, तो निकट भविष्य में 23,300 से 23,200 का स्तर देखा जा सकता है।
ऊपर की ओर 23,750 से 23,800 का दायरा अब मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है, जबकि 24,000 का स्तर एक बड़ा मनोवैज्ञानिक अवरोध माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब तक निफ्टी इन स्तरों को मजबूती से पार नहीं करता, हर तेजी पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर कूटनीतिक घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा आने वाले हफ्तों में बाजार की चाल तय करेगी।