अंतरराष्ट्रीय तनावों के कारण भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी में 2%25 की कमी
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स 1,690.23 अंक गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ।
- निफ्टी50 486.85 अंकों की कमी के साथ 22,819.60 पर रहा।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में 3.86%25 की गिरावट दर्ज की गई।
- निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
- निफ्टी आईटी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।
मुंबई, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी-ईरान युद्ध में बढ़ते तनाव और शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के अंत में बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में समापन किया। इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई।
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी50 486.85 अंकों यानी 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,819.60 पर रहा।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 74,883.79 पर खुला और एक समय 1,736 अंक या 2.30 प्रतिशत से अधिक गिरकर 73,534.41 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 23,173.55 पर खुलकर 501 अंक या 2.15 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 22,804.55 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों में बेंचमार्क सूचकांकों से अधिक गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप में 2.23 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.74 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टर के हिसाब से, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसयू) को सबसे अधिक नुकसान हुआ, जिसमें 3.86 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (3.17 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (2.82 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (2.69 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (2.01 प्रतिशत) में भी गिरावट रही।
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी ने 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कम नुकसान दर्ज करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
निफ्टी50 में मात्र 6 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिनमें ओएनजीसी में 4.03 प्रतिशत, विप्रो में 1.22 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 0.82 प्रतिशत, टीसीएस में 0.42 प्रतिशत, कोल इंडिया में 0.32 प्रतिशत और पावरग्रिड में 0.24 प्रतिशत की बढ़त रही।
इसके विपरीत, श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे अधिक 5.54 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद टीएमपीवी में 4.92 प्रतिशत, रिलायंस में 4.61 प्रतिशत, इंडिगो में 4.48 प्रतिशत तथा बजाज फाइनेंस में 4.11 प्रतिशत की कमी देखी गई, जो कि शीर्ष लूजर में शामिल रहे।
दिन के कारोबार में निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 431 लाख करोड़ रुपये से घटकर 422 लाख करोड़ रुपये हो गया।