मध्य पूर्व के तनावों के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 1470 अंक गिरा और निवेशकों को 10 लाख करोड़ का नुकसान
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई।
- सेंसेक्स में 1470 अंक की गिरावट हुई।
- निवेशकों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए घटा।
- अमेरिका-ईरान संघर्ष का बाजार पर गहरा असर।
- निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।
मुंबई, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के चलते गैस आपूर्ति में संकट के गहराने के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली। प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। यह तीसरा लगातार दिन था जब घरेलू बाजार में गिरावट आई।
जब बाजार बंद हुआ, तब 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1.93 प्रतिशत या 1470.50 अंक गिरकर 74,563.92 पर पहुँच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 488.05 अंक यानी 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ।
दिन की शुरुआत 75,444.22 पर होने के बाद, सेंसेक्स का दिन का न्यूनतम स्तर 74,454.60 रहा। निफ्टी50 ने 23,462.50 पर शुरुआत की और दिन के दौरान 23,112 के न्यूनतम स्तर तक गिर गया।
व्यापक बाजार में भी बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में अधिक गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप में 2.65 प्रतिशत, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 2.51 प्रतिशत की गिरावट आई।
सेक्टरवार दृष्टिकोण से, निफ्टी मेटल में 5 प्रतिशत की गिरावट आई, जो सबसे अधिक प्रभावित सेक्टर रहा। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया में क्रमशः 3.72 प्रतिशत और 3.56 प्रतिशत की गिरावट आई।
अन्य क्षेत्रों में, निफ्टी ऑटो में 3.60 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 2.44 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.04 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 1.72 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.55 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी50 में सबसे अधिक गिरावट एलएंडटी, हिंदाल्को और टाटा स्टील के शेयरों में देखी गई, जो 7.38 से 5.41 प्रतिशत तक लुढ़क गए। इसके अलावा, जेएसडब्ल्यू स्टील, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एचडीएफसी लाइफ और बीईएल के शेयर भी नुकसान में रहे।
हालांकि, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (2.29 प्रतिशत की तेजी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (1.17 प्रतिशत की तेजी) के शेयरों में कुछ सकारात्मकता देखने को मिली। भारती एयरटेल में भी 0.09 प्रतिशत की मामूली उछाल दर्ज की गई।
इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों को गंभीर नुकसान सहना पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले दिन के लगभग 440 लाख करोड़ रुपए से घटकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे एक ही दिन में निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।