मध्य पूर्व संकट के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट; सेंसेक्स 2,497 अंक लुढ़का, निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान

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मध्य पूर्व संकट के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट; सेंसेक्स 2,497 अंक लुढ़का, निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गंभीर गिरावट आई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में नुकसान के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को 12 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में 3% से अधिक की गिरावट आई।
सेंसेक्स 2,497 अंक लुढ़का, जिससे निवेशकों को 12 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का कारण बनीं।
निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तीन लगातार सत्रों की बढ़त के बाद, भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को गंभीर गिरावट के साथ समाप्त किया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते वैश्विक बाजारों में आए भारी नुकसान और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को स्थिर रखने के कारण निफ्टी50 और सेंसेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई।

इस दौरान, बीएसई सेंसेक्स ने 3.26 प्रतिशत या 2496.89 अंक लुढ़ककर 74,207.24 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी में भी 3.26 प्रतिशत या 775.65 अंक की गिरावट आई, जो इसे 23,002.15 पर लाकर रोक दी।

इंट्रा-डे के कारोबार में, सेंसेक्स ने 74,750.92 पर खुलकर 2,753 अंक या 3.6 प्रतिशत गिरकर 73,950.95 के निम्नतम स्तर को छुआ, जबकि निफ्टी ने 23,197.75 पर खुलकर 847 अंक या 3.5 प्रतिशत गिरकर 22,930.35 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में भी बेंचमार्क सूचकांकों के समान बड़ी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप में 3.19 प्रतिशत की कमी आई, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इस दौरान, सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी ऑटो में 4.25 प्रतिशत रही। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी में 3.81 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 3.78 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.41 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 3.31 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 3.24 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 2.53 प्रतिशत की गिरावट आई।

गुरुवार को निफ्टी50 में केवल ओएनजीसी के शेयर में 1.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अन्य सभी शेयरों में गिरावट आई। श्रीराम फाइनेंस में 6.71 प्रतिशत, इटरनल में 5.38 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 5.11 प्रतिशत की सबसे अधिक गिरावट देखी गई। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टीएमपीवी, इंडिगो, ग्रासिम, ट्रेंट और बजाज-ऑटो के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई।

सेंसेक्स में आई इस गिरावट ने बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में लगभग 12 लाख करोड़ रुपए की कमी कर दी है, जिससे यह पहले के 438 लाख करोड़ रुपए से घटकर लगभग 426 लाख करोड़ रुपए रह गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय शेयर बाजार में आई यह गिरावट एक गंभीर स्थिति को दर्शाती है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। नीतिगत दरों में स्थिरता ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों गिरा भारतीय शेयर बाजार?
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक बाजारों में भारी नुकसान के चलते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई।
सेंसेक्स में कितनी गिरावट आई?
सेंसेक्स में 2,497 अंक की गिरावट आई, जो 3.26 प्रतिशत के बराबर है।
क्या निफ्टी में भी गिरावट आई?
जी हां, निफ्टी में भी 3.26 प्रतिशत की गिरावट हुई है।
इस गिरावट का निवेशकों पर क्या असर पड़ा?
इस गिरावट के चलते निवेशकों को लगभग 12 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
क्या इस गिरावट का कोई समाधान है?
विश्लेषक मानते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और वैश्विक बाजारों में सुधार से स्थिति में सुधार हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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