11 अगस्त 2026
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संसद में लगातार हंगामा: लोकसभा-राज्यसभा दोनों सदन स्थगित, जंतर मंतर और राम मंदिर चढ़ावे पर विपक्ष का बवाल

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संसद में लगातार हंगामा: लोकसभा-राज्यसभा दोनों सदन स्थगित, जंतर मंतर और राम मंदिर चढ़ावे पर विपक्ष का बवाल

सारांश

मानसून सत्र में संसद एक बार फिर ठप — जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस बल और राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों को स्थगित करा दिया। नेता प्रतिपक्ष खड़गे माइक तक पहुँचे, पर बोल नहीं सके।

मुख्य बातें

11 अगस्त 2026 को लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
विपक्ष ने जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग और राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर हंगामा किया।
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन शोर के कारण बोल नहीं सके।
राज्यसभा में समिति रिपोर्टें पेश होने के बाद शून्यकाल शुरू होते ही हंगामा भड़क उठा।
मानसून सत्र के दौरान लगातार बाधाओं से प्रश्नकाल , शून्यकाल और विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

मानसून सत्र के दौरान 11 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संसद के दोनों सदनों में एक बार फिर जोरदार हंगामा और नारेबाजी हुई, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी सांसदों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर सदन में जमकर शोर मचाया।

राज्यसभा में क्या हुआ

राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत अपेक्षाकृत शांत रही। इस दौरान संसद की विभिन्न समितियों से जुड़ी रिपोर्टें और दस्तावेज़ सदन के पटल पर रखे गए। लेकिन जैसे ही शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होने वाली थी, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी आरंभ कर दी।

हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोलने के लिए सदन में खड़े हुए, परंतु शोर-शराबे के कारण वे अपनी बात नहीं रख सके। अंततः पीठासीन अधिकारी ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

लोकसभा में क्या हुआ

लोकसभा में सुबह 11 बजे कार्यवाही प्रारंभ होते ही विपक्षी सांसदों की नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करना संभव न होने पर सदन की कार्यवाही कुछ ही देर बाद दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। प्रश्नकाल और अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य एक बार फिर बाधित रहे।

विपक्ष के मुद्दे

सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के सांसद मुख्यतः दो मुद्दों पर सदन में चर्चा चाहते थे — पहला, नई दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग, और दूसरा, राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा विवाद। इन दोनों मुद्दों पर सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष में गहरा असंतोष है।

मानसून सत्र पर असर

गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान लगातार यह स्थिति बनी हुई है। शून्यकाल, प्रश्नकाल और विशेष उल्लेख जैसी महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रियाएँ बार-बार प्रभावित हो रही हैं। विधायी एजेंडे पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और कई लंबित विधेयकों पर चर्चा अधर में लटकी हुई है।

आगे क्या

दोनों सदनों के स्थगन के बाद दोपहर में कार्यवाही फिर से शुरू होने की उम्मीद थी, हालाँकि गतिरोध जारी रहने की आशंका बनी हुई है। संसदीय सूत्रों के अनुसार, सरकार और विपक्ष के बीच किसी समझौते के संकेत अभी तक नहीं मिले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष की रणनीति सदन को ठप करके दबाव बनाने की है — और सत्ता पक्ष भी संवाद के बजाय मौन का रास्ता चुन रहा है। मानसून सत्र में यदि यही प्रवृत्ति जारी रही, तो कई ज़रूरी विधेयक और जनहित के प्रश्न बिना चर्चा के ही दफन हो जाएँगे — और इसकी ज़िम्मेदारी दोनों पक्षों पर समान रूप से है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 अगस्त को संसद में हंगामा क्यों हुआ?
विपक्षी सांसद दो प्रमुख मुद्दों पर सदन में चर्चा चाहते थे — नई दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग और राम मंदिर चढ़ावे का विवाद। इन मुद्दों पर सरकार की ओर से जवाब न मिलने की स्थिति में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।
लोकसभा और राज्यसभा कब तक स्थगित की गईं?
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई। दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद यह निर्णय लेना पड़ा।
मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में क्यों नहीं बोल सके?
नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हंगामे के बीच राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन सदन में जारी शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण वे अपनी बात नहीं रख सके। इसके तुरंत बाद सदन स्थगित कर दिया गया।
मानसून सत्र में संसदीय कार्यवाही पर क्या असर पड़ रहा है?
लगातार हंगामे के कारण शून्यकाल, प्रश्नकाल और विशेष उल्लेख जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ बाधित हो रही हैं। इससे कई लंबित विधेयकों पर चर्चा और विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन का संसद से क्या संबंध है?
विपक्षी सांसद चाहते हैं कि सरकार जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग के मामले में सदन में जवाब दे। इस मुद्दे को संसद में उठाने की कोशिश में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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