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मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा: लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित, छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई बनी वजह

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मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा: लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित, छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई बनी वजह

सारांश

मानसून सत्र में मंगलवार को भी संसद ठप रही — विपक्ष ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में नारेबाजी की, जिससे प्रश्नकाल तक नहीं चल सका और दोनों सदन दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गए।

मुख्य बातें

28 जुलाई को संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों दोपहर 2 बजे तक स्थगित।
विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की माँग की।
हंगामे के कारण दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका।
राज्यसभा में विपक्ष नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार कराने पर अड़ा रहा।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर जानबूझकर सदन न चलने देने का आरोप लगाया।

संसद के मानसून सत्र में मंगलवार, 28 जुलाई को भी गतिरोध बरकरार रहा। लोकसभा और राज्यसभा — दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग का मुद्दा उठाया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते दोनों सदनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। हंगामे की वजह से प्रश्नकाल भी नहीं चल सका।

लोकसभा में क्या हुआ

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। वे प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे थे और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की माँग कर रहे थे।

लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार विपक्षी सदस्यों से सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलने देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए। विपक्षी सांसदों के शांत न होने पर लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा में नियम 267 पर अड़ा विपक्ष

राज्यसभा में विपक्ष नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव स्वीकार कराकर छात्र आंदोलन पर तत्काल चर्चा की माँग पर अड़ा रहा। सभापति की ओर से सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की गई, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी माँग से पीछे नहीं हटे।

शोर-शराबे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही भी आगे नहीं बढ़ सकी और अंततः उसे भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। यह मानसून सत्र में लगातार दूसरे दिन दोनों सदनों के स्थगित होने का मामला रहा।

सरकार की प्रतिक्रिया

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष जानबूझकर चर्चा नहीं होने दे रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक' जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराने को तैयार है, तब विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा। यह बयान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे मतभेद को उजागर करता है।

विपक्ष का पक्ष

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की माँग रही है कि पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सदन में खुलकर चर्चा हो। विपक्ष का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग का मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

आगे क्या होगा

दोपहर 2 बजे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू होनी थी, लेकिन यदि गतिरोध बना रहा तो मानसून सत्र का निर्धारित एजेंडा प्रभावित होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद के सामने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की ज़िम्मेदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नियम 267 का बार-बार उपयोग उस संसदीय परंपरा को कमज़ोर करता है जिसमें प्रश्नकाल सरकार की जवाबदेही का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। दूसरी ओर, सरकार का 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक' को ढाल की तरह पेश करना भी उस मूल सवाल से ध्यान भटकाता है जो छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर उठ रहा है। जब तक दोनों पक्ष संवाद की मेज़ पर नहीं आते, मानसून सत्र का बाकी समय भी इसी गतिरोध में बीतने का जोखिम है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 जुलाई को संसद क्यों स्थगित हुई?
विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की माँग करते हुए लोकसभा और राज्यसभा दोनों में नारेबाजी की। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
राज्यसभा में नियम 267 क्या होता है?
नियम 267 राज्यसभा की एक प्रक्रियागत व्यवस्था है जिसके तहत किसी सदस्य को सदन के नियमित कामकाज को स्थगित कर किसी अत्यंत जरूरी मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने का अधिकार मिलता है। इस नियम के तहत प्रस्ताव स्वीकार होना ज़रूरी है, जो सभापति के विवेक पर निर्भर करता है।
क्या मानसून सत्र में प्रश्नकाल चल सका?
नहीं। 28 जुलाई को हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका। यह संसदीय जवाबदेही की दृष्टि से महत्वपूर्ण नुकसान माना जाता है।
सरकार ने विपक्ष के हंगामे पर क्या कहा?
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा था कि विपक्ष जानबूझकर चर्चा नहीं होने दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक' पर चर्चा कराने को तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा।
विपक्ष किस मुद्दे पर चर्चा चाहता है?
विपक्ष मुख्य रूप से प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के प्रयोग और पेपर लीक के मामलों पर संसद में खुली चर्चा चाहता है। कांग्रेस लंबे समय से छात्रों के भविष्य से जुड़े इन मुद्दों को सदन में उठाने की माँग करती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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