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क्या लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा जारी रहेगा?

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क्या लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा जारी रहेगा?

सारांश

क्या विपक्ष का हंगामा लोकसभा और राज्यसभा में जारी रहेगा? इस लेख में जानें कि कैसे विपक्ष ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की, लेकिन उपसभापति ने नोटिसों को अस्वीकार कर दिया। क्या इससे सदन की कार्यवाही बाधित होगी?

मुख्य बातें

राज्यसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई।
विपक्ष ने नियम 267 के तहत नोटिस दिए थे।
उपसभापति ने सभी नोटिस अस्वीकार कर दिए।
लोकसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई।
सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को फिर से सुचारू रूप से नहीं चल सकी। राज्यसभा में विपक्ष की मांग थी कि सदन की अन्य कार्यवाही को स्थगित कर मतदाता सूची संबंधी मामलों पर चर्चा की जाए। इसके लिए कई विपक्षी सांसदों ने नियम 267 के तहत नोटिस भी दिए थे। लेकिन उपसभापति ने नियमों का हवाला देते हुए इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया।

इसके बाद, राज्यसभा के विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए। हंगामा बढ़ता देख उपसभापति ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। वहीं, लोकसभा में भी हंगामे और नारेबाजी के कारण कार्यवाही बाधित हुई।

लोकसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित की गई। 12 बजे कार्यवाही प्रारंभ होने पर भी हंगामा जारी रहा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दरअसल, मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ ही देर बाद उपसभापति हरिवंश नारायण ने सदन को बताया कि उन्हें विपक्षी सांसदों की ओर से चर्चा के लिए 20 नोटिस मिले। ये 20 नोटिस 4 अलग-अलग विषयों पर चर्चा के लिए भेजे गए थे। उपसभापति ने जानकारी दी कि इनमें से कोई भी नोटिस नियमानुसार नहीं भेजा गया है, इसलिए सभी नोटिस अस्वीकार कर दिए गए। इसके बाद, विपक्ष ने सदन में जमकर नारेबाजी की। अधिकतर विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए और राज्यसभा में खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।

उपसभापति ने राज्यसभा में शून्यकाल और प्रश्नकाल चलाने का अनुरोध किया, लेकिन विपक्षी सांसद इसके लिए राजी नहीं हुए। वे दिए गए नोटिस के आधार पर चर्चा की मांग करते रहे। हंगामा बढ़ जाने पर उपसभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दूसरी ओर, लोकसभा में प्रश्नकाल का आरंभ तो किया गया, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं चल सका, क्योंकि विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।

सदन में हंगामे के कारण प्रश्नकाल के बीच में ही लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा प्रारंभ होने पर भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। पीठासीन कृष्णा प्रसाद तन्नेटी ने बताया कि कुछ सांसदों ने स्थगन प्रस्ताव दिया है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इस बीच लोकसभा में नारेबाजी जारी रही, जिसके कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि सदन की कार्यवाही में हंगामा लोकतंत्र के लिए एक चुनौती हो सकती है। विपक्ष की आवाज को सुनना आवश्यक है, लेकिन कार्यवाही का सुचारू रूप से चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा में विपक्ष ने कौन से मुद्दे पर चर्चा की मांग की?
विपक्ष ने मतदाता सूची संबंधी मामलों पर चर्चा करने की मांग की।
उपसभापति ने विपक्ष के नोटिसों को क्यों अस्वीकार किया?
उपसभापति ने बताया कि सभी नोटिस नियमानुसार नहीं भेजे गए थे।
कब तक की कार्यवाही स्थगित की गई?
राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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