6 अगस्त 2026
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संसद में लगातार हंगामा: किरेन रिजिजू ने विपक्ष को संसदीय नियम याद दिलाए, दोनों सदन स्थगित

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संसद में लगातार हंगामा: किरेन रिजिजू ने विपक्ष को संसदीय नियम याद दिलाए, दोनों सदन स्थगित

सारांश

संसद का मानसून सत्र एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ा — 6 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा दोनों स्थगित हुईं। किरेन रिजिजू ने खड़गे और पवन खेड़ा पर सीधा निशाना साधा, जबकि विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाहता था।

मुख्य बातें

6 अगस्त 2026 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में जोरदार हंगामा हुआ।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर बातें दोहराने और पवन खेड़ा पर नियम न जानने का आरोप लगाया।
विपक्ष प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल का मुद्दा सदन में उठाना चाहता था।
राधाकृष्णन ने बढ़ते हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित की।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 6 अगस्त 2026 को राज्यसभा में हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों पर संसदीय नियमों के उल्लंघन का सीधा आरोप लगाया, जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा — दोनों सदनों की कार्यवाही क्रमशः दोपहर 2 बजे और दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। नई दिल्ली में संसद भवन में यह लगातार दूसरा दिन था जब सदन सामान्य कामकाज नहीं कर सका।

हंगामे की पृष्ठभूमि

राज्यसभा में शुरुआती कुछ मिनट शांतिपूर्ण रहे, जिस दौरान विभिन्न रिपोर्टें और कागज़ात सदन के पटल पर रखे गए। लेकिन शून्यकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के कई सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल का मुद्दा सदन में उठाना चाहते थे और इसी माँग को लेकर सदन में लगातार व्यवधान बना रहा।

रिजिजू का विपक्ष पर हमला

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई सदस्य बोल रहा हो, तो उसे बाधित करना, शोर-शराबा करना, अव्यवस्थित टिप्पणियाँ करना या लगातार टोका-टोकी करना संसदीय नियमों के विरुद्ध है।

रिजिजू ने यह भी कहा कि राज्यसभा के नियमों में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य एक ही बात बार-बार दोहराता है और अप्रासंगिक विषयों पर बोलता रहता है, तो सभापति पहले उसका ध्यान आकर्षित कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसे भाषण रोकने का निर्देश भी दे सकते हैं।

खड़गे और खेड़ा पर सीधी टिप्पणी

रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सदन में रोज़ एक ही बातें दोहराते हैं, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के बारे में कहा कि वे हाल ही में संसद पहुँचे हैं और उन्हें पहले संसदीय नियमों का अध्ययन करना चाहिए। रिजिजू के इस वक्तव्य के तुरंत बाद खड़गे जवाब देने के लिए खड़े हुए, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक साथ बोलने लगे और हंगामा और तेज हो गया।

सभापति का फैसला

सदन में बढ़ते व्यवधान को देखते हुए राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसी तरह लोकसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित रही। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही उत्पादकता के लिहाज़ से दबाव में है।

आगे की स्थिति

विपक्ष की माँग — छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा — अभी भी अनुत्तरित है। यदि सरकार इस पर चर्चा की अनुमति नहीं देती, तो आने वाले दिनों में भी इसी तरह के व्यवधान की आशंका बनी रहेगी। संसदीय सत्र की उत्पादकता पर सवाल उठाने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार स्थगन से महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि सरकार विपक्ष की उस माँग पर चर्चा की अनुमति क्यों नहीं दे रही जो सार्वजनिक हित से जुड़ी है। छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस बल के इस्तेमाल जैसे संवेदनशील मुद्दे को सदन से बाहर रखने की कोशिश ही हंगामे को हवा देती है। मानसून सत्र की उत्पादकता जितनी गिरती है, उतना ही जनता का संसद में विश्वास कमज़ोर होता है — और इसकी ज़िम्मेदारी सत्ता और विपक्ष दोनों की है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

6 अगस्त को संसद में हंगामा क्यों हुआ?
विपक्षी सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल का मुद्दा सदन में उठाना चाहते थे, जिसे लेकर राज्यसभा और लोकसभा दोनों में जोरदार नारेबाजी और व्यवधान हुआ। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्षी सांसद राज्यसभा के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं — बोलने वाले सदस्य को बाधित करना, शोर मचाना और एक ही बात बार-बार दोहराना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा का नाम लेकर सीधी टिप्पणी की।
राज्यसभा और लोकसभा कितने बजे तक स्थगित हुईं?
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की गई। दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद व्यवधान शुरू हो गया था।
सभापति ने राज्यसभा स्थगित करने का फैसला क्यों किया?
जब रिजिजू के वक्तव्य के बाद नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जवाब देने उठे, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक साथ बोलने लगे और हंगामा और बढ़ गया। इस स्थिति में राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही स्थगित करने का निर्णय लिया।
पवन खेड़ा को लेकर रिजिजू ने क्या कहा?
रिजिजू ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के बारे में कहा कि वे हाल ही में संसद पहुँचे हैं, इसलिए उन्हें पहले संसदीय नियमों का अध्ययन करना चाहिए। यह टिप्पणी उस समय आई जब खेड़ा भी हंगामे में सक्रिय रूप से शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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