7 अगस्त 2026
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किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: हंगामे के लिए माफी माँगें, MSME विधेयक पारित

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किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: हंगामे के लिए माफी माँगें, MSME विधेयक पारित

सारांश

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे को लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताया और माफी माँगने की अपील की। MSME विधेयक पारित होने के बावजूद चर्चा बाधित रहने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 अगस्त को विपक्ष से मानसून सत्र में हंगामे के लिए माफी माँगने की अपील की।
लोकसभा में MSME से संबंधित विधेयक पारित; राज्यसभा में एनडीए सांसदों ने बहस में भाग लिया।
विपक्ष की विशेष सत्र बुलाने की माँग को सरकार ने 'राजनीतिक नाटक' कहकर खारिज किया।
रिजिजू ने कहा कि हंगामे से विपक्ष के नवनिर्वाचित सांसदों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।
कांग्रेस पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप; परिसीमन को सरकार ने प्राथमिकता बताया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन में चर्चाएँ सीमित हो गई हैं, जबकि सरकार का विधायी कामकाज बाधाओं के बावजूद जारी है और कई अहम विधेयक पारित किए जा चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि लोकसभा में MSME से संबंधित विधेयक पारित किया जा चुका है और राज्यसभा में एनडीए के सभी सांसदों ने विभिन्न विधेयकों पर बहस में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने कहा, 'यह कहना पूरी तरह गलत है कि संसद का कामकाज ठप है।' उनके अनुसार चर्चा कम होने का एकमात्र कारण विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामा है।

विशेष सत्र की माँग पर सरकार का रुख

विपक्ष की विशेष सत्र बुलाने की माँग को रिजिजू ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब मानसून सत्र पहले से चल रहा है, तब अलग से विशेष सत्र की माँग का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इसे महज राजनीतिक नाटक करार दिया और कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है।

अमित शाह की उपस्थिति और संसदीय परंपरा

रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में सक्रिय उपस्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सुबह से देर रात तक सदन में उपस्थित रहते हैं और विपक्ष को उनकी बात शांतिपूर्वक सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसदीय परंपरा के अनुसार किस विषय पर कौन मंत्री जवाब देगा, यह निर्णय चेयरमैन की अनुमति और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी के आधार पर होता है — यह विपक्ष तय नहीं कर सकता।

नए सांसदों को नुकसान का आरोप

रिजिजू ने एक तीखी टिप्पणी में कहा कि विपक्ष के हंगामे का सबसे अधिक नुकसान उसके अपने नवनिर्वाचित सांसदों को हो रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के लगातार व्यवधान के कारण पहली बार चुने गए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अनुचित बताया।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस पर निशाना

महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार और पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार महिला आरक्षण का विरोध करती रही है, जिसके कारण उसे महिला-विरोधी छवि का नुकसान उठाना पड़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में संसदीय कार्यवाही बाधित होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न को नहीं छूता कि विपक्ष किन मुद्दों पर चर्चा की माँग कर रहा है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस को घेरना सत्ता पक्ष का पुराना दाँव है — असली परीक्षा यह है कि परिसीमन की समयसीमा और क्रियान्वयन का रोडमैप कब सामने आता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने विपक्ष से माफी माँगने की अपील क्यों की?
रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र में विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन में चर्चाएँ सीमित हो गई हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह सदन में शांतिपूर्वक बैठे और गृह मंत्री अमित शाह की बात सुने, अन्यथा हंगामे के लिए माफी माँगे।
मानसून सत्र में अब तक कौन-से विधेयक पारित हुए हैं?
रिजिजू के अनुसार लोकसभा में MSME से संबंधित विधेयक पारित किया जा चुका है और राज्यसभा में भी एनडीए सांसदों ने कई विधेयकों पर बहस में भाग लिया। हालाँकि विपक्षी हंगामे के कारण विस्तृत चर्चा सीमित रही।
विपक्ष की विशेष सत्र बुलाने की माँग पर सरकार का क्या कहना है?
रिजिजू ने इस माँग को राजनीतिक नाटक बताते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब मानसून सत्र पहले से चल रहा है तो अलग से विशेष सत्र बुलाने का कोई औचित्य नहीं है और फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार का क्या रुख है?
रिजिजू ने कहा कि परिसीमन और महिलाओं को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना सरकार की प्राथमिकता है और प्रधानमंत्री मोदी इसे कई बार दोहरा चुके हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर महिला आरक्षण का विरोध करते रहने का आरोप लगाया।
संसदीय हंगामे से विपक्ष के नए सांसदों पर क्या असर पड़ रहा है?
रिजिजू के अनुसार वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लगातार व्यवधान के कारण पहली बार चुने गए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अनुचित बताया।
राष्ट्र प्रेस
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