किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: हंगामे के लिए माफी माँगें, MSME विधेयक पारित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन में चर्चाएँ सीमित हो गई हैं, जबकि सरकार का विधायी कामकाज बाधाओं के बावजूद जारी है और कई अहम विधेयक पारित किए जा चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि लोकसभा में MSME से संबंधित विधेयक पारित किया जा चुका है और राज्यसभा में एनडीए के सभी सांसदों ने विभिन्न विधेयकों पर बहस में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने कहा, 'यह कहना पूरी तरह गलत है कि संसद का कामकाज ठप है।' उनके अनुसार चर्चा कम होने का एकमात्र कारण विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामा है।
विशेष सत्र की माँग पर सरकार का रुख
विपक्ष की विशेष सत्र बुलाने की माँग को रिजिजू ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब मानसून सत्र पहले से चल रहा है, तब अलग से विशेष सत्र की माँग का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इसे महज राजनीतिक नाटक करार दिया और कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है।
अमित शाह की उपस्थिति और संसदीय परंपरा
रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में सक्रिय उपस्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री सुबह से देर रात तक सदन में उपस्थित रहते हैं और विपक्ष को उनकी बात शांतिपूर्वक सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसदीय परंपरा के अनुसार किस विषय पर कौन मंत्री जवाब देगा, यह निर्णय चेयरमैन की अनुमति और सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी के आधार पर होता है — यह विपक्ष तय नहीं कर सकता।
नए सांसदों को नुकसान का आरोप
रिजिजू ने एक तीखी टिप्पणी में कहा कि विपक्ष के हंगामे का सबसे अधिक नुकसान उसके अपने नवनिर्वाचित सांसदों को हो रहा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के लगातार व्यवधान के कारण पहली बार चुने गए सांसदों को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अनुचित बताया।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस पर निशाना
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि महिलाओं को उनका अधिकार और पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार महिला आरक्षण का विरोध करती रही है, जिसके कारण उसे महिला-विरोधी छवि का नुकसान उठाना पड़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में संसदीय कार्यवाही बाधित होने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है।