किरेन रिजिजू का विपक्ष पर निशाना: 'चुनाव हारने की निराशा से सदन में हंगामा'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि विपक्ष संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा इसलिए करता रहा क्योंकि वह चुनावों में लगातार हार से निराश है और उसमें आत्मविश्वास की कमी आ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब विपक्षी दल जनादेश नहीं जीत पाते, तो वे संसद को अपनी कुंठा निकालने का मंच बना लेते हैं।
मानसून सत्र में हंगामे की वजह
संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही बाधित की, जिससे कई अहम मुद्दों पर सांसद अपना पक्ष नहीं रख सके। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अभी बंटा हुआ है और उनमें आत्मविश्वास की कमी साफ दिखती है।
वंदे मातरम विवाद पर रिजिजू का रुख
कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' को लेकर हुए विवाद पर रिजिजू ने कहा कि यह किसी खास पार्टी या धर्म का गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए और इसे गाना चाहिए।
इटली की PM पर टिप्पणी और विशेषाधिकार नोटिस
रिजिजू ने राहुल गांधी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर लोकसभा में की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी एक दल के नहीं — और प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाना देश की बदनामी है। राहुल गांधी को जारी विशेषाधिकार नोटिस के बारे में उन्होंने कहा कि यह नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार की गई कार्रवाई है।
'दिमागी नक्सल' बयान और अमित शाह की अनुपस्थिति पर सफाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' शब्द के इस्तेमाल पर रिजिजू ने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जो संविधान के खिलाफ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया गया है, लेकिन माओवादी विचारधारा से जुड़े कुछ लोग सेना, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवानों की शहादत पर जश्न मनाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में कथित अनुपस्थिति पर विपक्ष के सवालों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि शाह सुबह से रात तक संसद में रहते थे और विपक्ष ने केवल अफवाहें फैलाई हैं।
आगे क्या
मानसून सत्र के समापन के बाद भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। रिजिजू के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।