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किरेन रिजिजू का विपक्ष पर निशाना: 'चुनाव हारने की निराशा से सदन में हंगामा'

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किरेन रिजिजू का विपक्ष पर निशाना: 'चुनाव हारने की निराशा से सदन में हंगामा'

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के संसद हंगामे को चुनावी हार की कुंठा बताया। वंदे मातरम विवाद, 'दिमागी नक्सल' बयान और राहुल गांधी के विशेषाधिकार नोटिस पर सीधा जवाब देते हुए उन्होंने कहा — सदन में व्यवधान लोकतंत्र नहीं, निराशा की अभिव्यक्ति है।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव हारने की निराशा के कारण मानसून सत्र में हंगामा करता रहा।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने लोकसभा की कार्यवाही बाधित की, जिससे कई मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
रिजिजू ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत बताते हुए कहा कि हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए।
राहुल गांधी को जारी विशेषाधिकार नोटिस को उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई बताया।
PM मोदी के 'दिमागी नक्सल' शब्द का बचाव करते हुए रिजिजू ने कहा यह उन लोगों के लिए है जो संविधान विरोधी काम करते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर विपक्ष के दावों को उन्होंने 'अफवाह' करार दिया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि विपक्ष संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा इसलिए करता रहा क्योंकि वह चुनावों में लगातार हार से निराश है और उसमें आत्मविश्वास की कमी आ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब विपक्षी दल जनादेश नहीं जीत पाते, तो वे संसद को अपनी कुंठा निकालने का मंच बना लेते हैं।

मानसून सत्र में हंगामे की वजह

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही बाधित की, जिससे कई अहम मुद्दों पर सांसद अपना पक्ष नहीं रख सके। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष अभी बंटा हुआ है और उनमें आत्मविश्वास की कमी साफ दिखती है।

वंदे मातरम विवाद पर रिजिजू का रुख

कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' को लेकर हुए विवाद पर रिजिजू ने कहा कि यह किसी खास पार्टी या धर्म का गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए और इसे गाना चाहिए।

इटली की PM पर टिप्पणी और विशेषाधिकार नोटिस

रिजिजू ने राहुल गांधी की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर लोकसभा में की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, किसी एक दल के नहीं — और प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाना देश की बदनामी है। राहुल गांधी को जारी विशेषाधिकार नोटिस के बारे में उन्होंने कहा कि यह नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार की गई कार्रवाई है।

'दिमागी नक्सल' बयान और अमित शाह की अनुपस्थिति पर सफाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' शब्द के इस्तेमाल पर रिजिजू ने कहा कि यह उन लोगों के लिए है जो संविधान के खिलाफ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया गया है, लेकिन माओवादी विचारधारा से जुड़े कुछ लोग सेना, बीएसएफ, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवानों की शहादत पर जश्न मनाते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में कथित अनुपस्थिति पर विपक्ष के सवालों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि शाह सुबह से रात तक संसद में रहते थे और विपक्ष ने केवल अफवाहें फैलाई हैं।

आगे क्या

मानसून सत्र के समापन के बाद भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। रिजिजू के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे ठोस नीतिगत सवाल पीछे छूट जाते हैं। विशेषाधिकार नोटिस और वंदे मातरम विवाद — दोनों को एक साथ उठाना यह दर्शाता है कि सत्तापक्ष विपक्ष को राष्ट्रवाद की कसौटी पर कसने की कोशिश में है। असली परीक्षा यह होगी कि शीतकालीन सत्र में क्या सदन चलता है या यही गतिरोध जारी रहता है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने विपक्ष के हंगामे पर क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव हारने से निराश है और इसी कुंठा को वह संसद में हंगामे के रूप में निकालता है। उनके अनुसार विपक्ष बंटा हुआ है और उसमें आत्मविश्वास की कमी है।
वंदे मातरम विवाद पर रिजिजू का क्या रुख है?
रिजिजू ने कहा कि वंदे मातरम किसी पार्टी या धर्म का नहीं बल्कि देश का राष्ट्रीय गीत है और हर भारतीय को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने इसे लेकर एक कानून का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी को विशेषाधिकार नोटिस क्यों जारी हुआ?
रिजिजू के अनुसार यह नोटिस संसदीय नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार जारी किया गया। उन्होंने इसे राजनीतिक कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
'दिमागी नक्सल' बयान का मतलब क्या है?
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि PM मोदी ने यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जो संविधान के खिलाफ काम करते हैं और माओवादी-नक्सली विचारधारा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जवानों की शहादत पर जश्न मनाते हैं।
गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर विवाद क्यों हुआ?
विपक्ष ने सवाल उठाया था कि शाह सदन में नहीं आ रहे। रिजिजू ने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि शाह सुबह से रात तक संसद में रहते थे, लेकिन हंगामे के बीच सदन में जाना संभव नहीं था।
राष्ट्र प्रेस
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