3 अगस्त 2026
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किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला: संसद में MSME और SC जज बिल पास, विपक्ष ने सिर्फ हंगामा किया

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किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला: संसद में MSME और SC जज बिल पास, विपक्ष ने सिर्फ हंगामा किया

सारांश

संसद में MSME और सर्वोच्च न्यायालय के जजों की संख्या बढ़ाने वाले दो अहम विधेयक पारित हुए, लेकिन कांग्रेस चर्चा से नदारद रही। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सीधे मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की थी — फिर भी विपक्ष ने केवल हंगामा किया।

मुख्य बातें

लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक और राज्यसभा में MSME विधेयक पारित हुए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष ने चर्चा में भाग नहीं लिया और केवल हंगामा किया।
रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया था, लेकिन कांग्रेस सांसद फिर भी अनुपस्थित रहे।
BJP सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वे लिखित संशोधनों पर भी चुप रहे।
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान की आलोचना की।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 अगस्त 2026 को मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि संसद में दो अहम विधेयक पारित हुए, लेकिन विपक्ष ने चर्चा में भाग लेने की बजाय केवल हंगामा किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं।

कौन-से विधेयक हुए पारित

लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पारित हुआ, जबकि राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विधेयक को मंजूरी मिली। रिजिजू के अनुसार, सत्तापक्ष के सदस्यों के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और अन्य दलों के सदस्यों ने भी MSME विधेयक पर अपने विचार रखे, किंतु मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का कोई भी सांसद इस चर्चा में शामिल नहीं हुआ।

रिजिजू ने खड़गे से की थी अपील

मंत्री रिजिजू ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया कि वे अपने सांसदों को विधेयकों पर चर्चा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का जितना अवसर इस सत्र में दिया गया, वैसा पहले कभी नहीं मिला था। बावजूद इसके, कांग्रेस सांसद सदन की कार्यवाही से दूर रहे।

रिजिजू ने कहा, 'कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नहीं है जो अपने सांसदों को सही दिशा दिखा सके। उनकी पार्टी में आपसी कलह है और वे राजनीतिक जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने मूल मुद्दों पर ध्यान न देकर दूसरे दलों के मुद्दे हथियाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा सांसदों की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि MSME विधेयक पर विपक्ष चाहता तो सुझाव दे सकता था या संशोधन प्रस्तुत कर सकता था, परंतु जो लिखित संशोधन दिए गए उन पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। राठौड़ ने कहा, 'विपक्ष की सदन की कार्यवाही में कोई रुचि नहीं है, वे केवल हंगामा करना जानते हैं।'

वहीं BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'वे भ्रष्टाचार के माहिर हैं। उन्हें छात्रों, युवाओं या रोज़गार की कोई परवाह नहीं है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण बयान है और ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए।'

संसदीय गरिमा पर सवाल

यह ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि MSME क्षेत्र देश के कुल निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इस विधेयक को उद्योग जगत ने दीर्घप्रतीक्षित बताया है। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का विधेयक भी न्यायपालिका में लंबित मामलों के संकट को देखते हुए अहम माना जा रहा है।

आगे क्या

दोनों विधेयक अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। संसदीय सत्र में शेष दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी दलों के सांसदों की भागीदारी चाहती है और भविष्य में भी इसके लिए प्रयास जारी रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल संख्या-बल से पारित किए गए। विपक्ष की अनुपस्थिति निंदनीय हो सकती है, परंतु बिना विस्तृत चर्चा के पारित विधेयक भविष्य में क्रियान्वयन की चुनौतियाँ भी पैदा करते हैं। संसदीय लोकतंत्र की असली कसौटी केवल विधेयक पारित करना नहीं, बल्कि उन पर गहरी बहस सुनिश्चित करना भी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संसद में कौन-से दो विधेयक पारित हुए?
लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक और राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विधेयक पारित हुए। दोनों विधेयक अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने दोनों विधेयकों पर चर्चा में भाग नहीं लिया और केवल हंगामा किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में कोई ऐसा नेता नहीं बचा जो अपने सांसदों को सही दिशा दे सके।
MSME विधेयक क्यों अहम है?
MSME क्षेत्र भारत के कुल निर्यात और रोज़गार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह विधेयक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नीतिगत ढाँचे को अद्यतन करता है, जिसे उद्योग जगत लंबे समय से माँग रहा था।
क्या विपक्ष ने कोई संशोधन प्रस्तुत किए?
BJP सांसद मदन राठौड़ के अनुसार, विपक्ष ने कुछ लिखित संशोधन दिए, लेकिन उन पर भी कोई प्रतिक्रिया या बहस में भागीदारी नहीं की। विपक्ष सदन की कार्यवाही से मुख्यतः अनुपस्थित रहा।
प्रियांक खड़गे के बयान पर भाजपा ने क्या कहा?
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और कहा कि उन्हें छात्रों, युवाओं या रोज़गार की कोई चिंता नहीं है। शर्मा ने ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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