पीएम मोदी की स्वीडन यात्रा: रणनीतिक साझेदारी से AI कॉरिडोर तक, विदेश मंत्रालय ने गिनाए 6 बड़े नतीजे
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाँच देशों के दौरे के तीसरे चरण में स्वीडन की सफल यात्रा पूरी कर 18 मई 2026 को नॉर्वे के लिए प्रस्थान किया। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने इस नॉर्डिक देश की यात्रा के छह प्रमुख परिणामों की विस्तृत सूची जारी की, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय का संकेत देती है।
रणनीतिक साझेदारी और संयुक्त कार्य योजना
विदेश मंत्रालय द्वारा सूचीबद्ध पहला और सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है — भारत-स्वीडन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाना। इसके तहत एक संयुक्त बयान और संयुक्त कार्य योजना (2026-2030) को औपचारिक रूप से अपनाया गया। यह योजना चार मुख्य स्तंभों पर टिकी है: स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद, अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती तकनीकें व भरोसेमंद कनेक्टिविटी, और 'कल को मिलकर संवारना'। यह कदम आर्थिक और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर दोनों देशों के संबंधों को ठोस आधार देता है।
इनोवेशन पार्टनरशिप 2.0 और तकनीकी सहयोग
दूसरा प्रमुख नतीजा है 'भारत-स्वीडन संयुक्त इनोवेशन पार्टनरशिप 2.0' की शुरुआत। इसके अंतर्गत एक वर्चुअल भारत-स्वीडन संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ISJSTC) स्थापित किया जाएगा। AI, 6G, क्वांटम कंप्यूटिंग, सस्टेनेबल माइनिंग, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष और जीवन विज्ञान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट शहरों जैसे क्षेत्रों में मौजूदा साझेदारी को और विस्तार दिया जाएगा।
तीसरा परिणाम है 'भारत-स्वीडन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर (SITAC)' को संयुक्त रूप से विकसित करने का समर्थन। इसका लक्ष्य भविष्योन्मुखी AI साझेदारी को सुदृढ़ करना और उद्योग, स्टार्टअप व अनुसंधान संस्थाओं के बीच गहरे तकनीकी संबंध बनाना है।
व्यापार, निवेश और SME को बढ़ावा
चौथा नतीजा है — अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने का संकल्प। इसमें 'मेक इन इंडिया' पहल को प्रोत्साहन, व्यापार सुविधा के लिए फास्ट-ट्रैक तंत्र और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर नियमित संवाद शामिल हैं। पाँचवाँ परिणाम है 'भारत-स्वीडन SME और स्टार्टअप प्लेटफॉर्म' का विकास, जो दोनों देशों में — विशेष रूप से युवाओं के लिए — रोज़गार के नए अवसर सृजित करेगा।
सांस्कृतिक जुड़ाव: टैगोर-स्वीडन व्याख्यान शृंखला
छठा और अंतिम परिणाम है 'विकास भी, विरासत भी' के अंतर्गत 'टैगोर-स्वीडन व्याख्यान शृंखला' की शुरुआत। यह पहल भारत की सॉफ्ट पावर को मज़बूत करने के साथ-साथ दोनों देशों के नागरिकों के बीच सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को प्रोत्साहित करेगी।
यूरोपियन राउंडटेबल और द्विपक्षीय वार्ता
यात्रा के दौरान रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ प्रतिष्ठित 'यूरोपियन राउंडटेबल फॉर इंडस्ट्री' मंच को संबोधित किया। मोदी और क्रिस्टर्सन के बीच प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमें संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर ज़ोर दिया गया। यह यात्रा भारत-यूरोप संबंधों के व्यापक संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है।