मोदी की नीदरलैंड यात्रा से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और टेक में बढ़ेगा द्विपक्षीय सहयोग: राजदूत तुहिन
सारांश
मुख्य बातें
नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा को ऐतिहासिक महत्व का बताया है। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में नई सरकार के गठन के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत है, जिसमें सेमीकंडक्टर, नई प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में ठोस प्रगति की उम्मीद है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता इस वर्ष के अंत तक संपन्न होने की संभावना जताई जा रही है।
यात्रा का महत्व और प्राथमिकताएँ
राजदूत तुहिन ने बताया कि दोनों देशों के नेता इस बातचीत में व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, समुद्री सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस स्तर पर दोनों देशों के नेता अलग-अलग क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और रिश्तों को और मजबूत करने के लिए नई दिशा देंगे।' संभावित समझौतों या एमओयू के बारे में उन्होंने कहा कि यह दोनों नेताओं की बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा।
सेमीकंडक्टर: साझा प्राथमिकता का क्षेत्र
राजदूत तुहिन ने सेमीकंडक्टर को दोनों देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में हाल ही में आयोजित एआई समिट में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री शामिल हुए थे और उससे पहले सेमीकॉन प्रदर्शनी में भी नीदरलैंड की कई कंपनियाँ भारत पहुँची थीं। उन्होंने कहा, 'इस क्षेत्र में फोकस दोनों देशों के लिए साथ मिलकर काम करने का एक बहुत अच्छा मौका है।' गौरतलब है कि भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण नीतिगत कदम उठाए हैं।
व्यापार, ग्रीन एनर्जी और निवेश की संभावनाएँ
राजदूत ने बताया कि नीदरलैंड भारत के प्रमुख व्यापार साझेदारों में से एक है और यूरोप के लिए एक प्रवेश द्वार की भूमिका निभाता है। डच कंपनियाँ भारत के मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। दोनों देश पहले से ही इंटरनेशनल सोलर अलायंस और डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम कर रहे हैं। कई डच कंपनियाँ पहले से भारत में मौजूद हैं और भारतीय पेशेवर भी नीदरलैंड में सक्रिय हैं, जिससे प्रोजेक्ट्स, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारी के अवसर बनते हैं।
भारतीय समुदाय और शिक्षा का योगदान
राजदूत तुहिन ने बताया कि नीदरलैंड में रहने वाला भारतीय समुदाय यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदायों में से एक है। यह समुदाय पेशेवर क्षेत्रों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और राजनीति तक में सक्रिय है तथा दोनों देशों के बीच एक सांस्कृतिक सेतु की भूमिका निभाता है। शिक्षा और इनोवेशन भी सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जहाँ कई भारतीय और डच संस्थान पहले से परस्पर जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को लेकर वहाँ का भारतीय समुदाय उत्साहित बताया जा रहा है।
आगे की राह
यह यात्रा भारत-नीदरलैंड संबंधों को स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और कृषि जैसे परंपरागत क्षेत्रों से आगे ले जाकर प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था के नए आयामों में विस्तारित करने का अवसर है। राजदूत के अनुसार, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संभावित समापन के मद्देनज़र नीदरलैंड की भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक रणनीतिक हो जाएगी।