भारत और फिनलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी से उजागर होंगे अनगिनत अवसर: पीएम मोदी

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भारत और फिनलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी से उजागर होंगे अनगिनत अवसर: पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और फिनलैंड के बीच डिजिटलीकरण और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी के महत्व को उजागर किया। इस साझेदारी से दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।

Key Takeaways

  • भारत और फिनलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी
  • डिजिटलीकरण और स्थिरता पर जोर
  • नई तकनीकों में सहयोग
  • राजनीतिक नेताओं की द्विपक्षीय बैठक
  • रायसीना डायलॉग का महत्व

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच डिजिटलीकरण और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी से दोनों देशों के नागरिकों के लिए अनगिनत अवसर उत्पन्न होंगे।

पीएम मोदी ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा की।

इस पोस्ट में पीएम मोदी ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल की पोस्ट को उद्धृत किया, जिसमें फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की भारत यात्रा के परिणामों का उल्लेख किया गया था।

भारत और फिनलैंड के बीच डिजिटाइजेशन और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, क्लीन एनर्जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

स्टब की भारत यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना एक सम्मान की बात है।" उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं।

दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हैदराबाद हाउस में हुई, जहाँ भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की गई।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।

दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार किया और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद राष्ट्रपति स्टब के सम्मान में एक लंच का आयोजन भी किया।

इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक से पहले द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वे रायसीना डायलॉग में राष्ट्रपति स्टब के संबोधन का इंतजार कर रहे हैं, जहाँ अतिथि नेता मुख्य भाषण देंगे।

Point of View

बल्कि दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास के नए अवसर भी खोलेगी।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत और फिनलैंड के बीच की साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य डिजिटलीकरण और स्थिरता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
क्या इस साझेदारी से कोई नई तकनीक विकसित होगी?
हां, इस साझेदारी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, क्लीन एनर्जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग की संभावना है।
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