IMD का अनुमान: 2025 में सामान्य से कम बारिश, अल नीनो से मानसून की रफ्तार पड़ेगी धीमी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जून 2025 को घोषणा की कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में देशभर में सामान्य वर्षा का लगभग 98 प्रतिशत — यानी सामान्य से कम — बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, अल नीनो का प्रभाव अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और पूरे मानसून सीजन के दौरान इसके बने रहने की आशंका है।
मानसून की मौजूदा स्थिति
IMD के अनुसार, मानसून अब तक दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों तक पहुँच चुका है। हालाँकि, इसके आगे बढ़ने की गति फिलहाल धीमी पड़ गई है।
अगले दो से तीन दिनों में मानसून के बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिक हिस्सों तक पहुँचने की संभावना जताई गई है, हालाँकि उसके बाद इसकी प्रगति धीमी ही रहने का अनुमान है।
अल नीनो का असर और विशेषज्ञ की राय
IMD के वैज्ञानिक प्रदीप शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'दक्षिण-पश्चिम मानसून के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार इस साल पूरे देश में सामान्य वर्षा का लगभग 98 प्रतिशत यानी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अल नीनो प्रभाव सक्रिय हो चुका है और पूरे सीजन इसके बने रहने की आशंका है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में खरीफ फसल की बुवाई का मौसम शुरू होने वाला है और किसान समुदाय मानसून की चाल पर बारीकी से नजर रख रहा है।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
IMD के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ देखी जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ उत्तर हरियाणा और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं।'
नरेश कुमार ने यह भी बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के तापमान में पिछले दिनों 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है, लेकिन यह सामान्य या सामान्य से कम स्तर पर ही बना रहेगा।
अलर्ट की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर के लिए शनिवार, 13 जून को येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू है। इससे पहले उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।
आगे क्या होगा
IMD के अनुमान के अनुसार, मानसून की धीमी रफ्तार और अल नीनो का संयुक्त प्रभाव देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में वर्षा को प्रभावित कर सकता है। कृषि विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि क्या मानसून जुलाई तक अपनी रफ्तार पकड़ पाता है, जो खरीफ उत्पादन के लिए निर्णायक महीना माना जाता है।